

Maharashtra Drought-Like Situation: महाराष्ट्र में कम बारिश के चलते सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए महावितरण ने अपनी तकनीकी व्यवस्था को हाई अलर्ट पर कर दिया है। राज्य में जून महीने से ही बारिश में कमी दर्ज की जा रही है। इसके कारण कई क्षेत्रों में सूखे जैसी परिस्थितियां बनने लगी हैं।
इसका असर कृषि फसलों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में खेती के लिए बिजली आपूर्ति के साथ-साथ अन्य सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव तथा महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र के निर्देश पर महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न परिमंडलों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। निदेशक धनंजय औंढेकर, निदेशक (वाणिज्य) योगेश गडकरी, निदेशक (परियोजना) सचिन तालेवार, निदेशक (मानव संसाधन) राजेंद्र पवार सहित सभी कार्यकारी निदेशकों ने क्षेत्रीय स्तर पर तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
अधिकारियों ने कृषि पंपों सहित सभी वर्गों के उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। महावितरण के निदेशक (संचालन) धनंजय औंढेकर ने परिपत्र जारी किया है। राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनाए रखने और शासन की सूखा राहत उपाययोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए महावितरण के अभियंताओं, यंत्रचालकों और तारमार्ग कर्मचारियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
महावितरण ने क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत अभियंताओं, यंत्रचालकों और तारमार्ग कर्मचारियों को अपने-अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहने को कहा है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
निर्देशों में कहा गया है कि सूखे की स्थिति के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। यदि किसी कारण से बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो वैकल्पिक व्यवस्था अथवा तत्काल मरम्मत के जरिए बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए। महावितरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई नहीं करने या जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।