महाराष्ट्र में 58 करोड़ की ठगी का भंडाफोड़, ‘डिजिटल अरेस्ट’ केस में 7 आरोपी गिरफ्तार
Mumbai News: महाराष्ट्र पुलिस ने 58 करोड़ रुपये की 'डिजिटल अरेस्ट' ठगी में सात आरोपियों को पकड़ा, 6,500 फर्जी खातों के जरिए अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क से जुड़ा बड़ा खुलासा किया है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Digital Arrest Scam: महाराष्ट्र पुलिस ने 58 करोड़ रुपये की हेराफेरी से जुड़े देश के सबसे बड़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटाले का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राज्य की साइबर अपराध शाखा ने यह कार्रवाई एक 72 वर्षीय व्यवसायी की शिकायत के बाद की।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और उन्होंने ठगी की रकम को वैध दिखाने के लिए 6,500 से अधिक फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया, जो फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले गए थे।
‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी का यह नया तरीका तेजी से बढ़ रहा है। इसमें आरोपी खुद को सरकारी एजेंसियों या कानून प्रवर्तन अधिकारियों के रूप में पेश करते हैं। वे ऑडियो या वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देते हैं और बैंक खातों में पैसे भेजने का दबाव बनाते हैं।
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40 दिन में ठगे 58.13 करोड़ रुपए
मुंबई के व्यवसायी से ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए नकली अदालत और पुलिस पूछताछ का नाटक रचकर 40 दिनों के भीतर 58.13 करोड़ रुपये ठग लिए।
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ये आरोपी हुए गिरफ्तार
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेख शाहिद अब्दुल सलाम (19), जफर अकबर सैयद (33), अब्दुल नासिर अब्दुल करीम खुल्ली (51), अर्जुन फोजीराम कड़वासरा (52), जेठाराम रहिंगा कड़वासरा (35), इमरान इस्माइल शेख (22) और मोहम्मद नावेद शेख (26) के रूप में हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि यह मामला न केवल महाराष्ट्र बल्कि देशभर में साइबर अपराध के बढ़ते खतरों की ओर इशारा करता है। पुलिस अब इस ठगी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए आगे की जांच कर रही है।
