गड़चिरोली, ब्यूरो।देश के नक्सल आंदोलन में एक समय के प्रमुख नेता रहे मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति की नेपाल में गिरफ्तारी होने की चर्चाओं ने सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अब तक उसकी गिरफ्तारी की कोई ठोस पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए फिलहाल यह खबर अपुष्ट मानी जा रही है। गणपति प्रतिबंधित संगठन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया माओवादी का पूर्व महासचिव रह चुका है। वर्ष 2004 से 2018 तक उसने इस संगठन का नेतृत्व किया। उसके नेतृत्व में देश के कई राज्यों में नक्सली गतिविधियों में वृद्धि होने की बात कही जाती है।
जिले में भी कई विध्वंसक घटनाओं में उसकी भूमिका होने की जानकारी सामने आती रही है। तेलंगाना राज्य का निवासी गणपति पहले शिक्षक के रूप में कार्यरत था। बाद में वह नक्सल आंदोलन में सक्रिय हो गया।
केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों ने उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज किए हैं तथा उसकी गिरफ्तारी के लिए करोड़ों रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्टों में उसकी गिरफ्तारी या पुलिस की हिरासत में होने की खबरें सामने आई हैं।
वहीं कुछ खबरों के अनुसार बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य कारणों से वह आत्मसमर्पण करने पर भी विचार कर रहा है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इस बीच सुरक्षा एजेंसियां गणपति की गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। उसकी गिरफ्तारी को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। कई राज्यों में नक्सली गतिविधियों से जुड़े मामलों में उसका नाम आने के कारण उसकी गिरफ्तारी पर तीन करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित किया गया है।