महाराष्ट्र धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित, हिंदू जनजागृति समिति ने सरकार का किया अभिनंदन
Anti Conversion Bill in Maharashtra: महाराष्ट्र में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित होने के बाद विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हिंदू जनजागृति समिति ने इसे सराहनीय कदम बताया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Freedom of Religion Bill 2026: राज्य सरकार की तरफ से विधानमंडल अधिवेशन के दौरान दोनों सदनों में ‘महाराष्ट्र धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026’ पारित किया गया। इस सराहनीय निर्णय के लिए हिंदू जनजागृति समिति ने राज्य सरकार का अभिनंदन किया है।
हिंदू समाज द्वारा लंबे समय से इस कानून की मांग की जा रही थी, जिसके अनुसार अब राज्य में यह कानून पारित हो गया है। हमें आशा है कि इस कानून से देश भर में हिंदू युवतियों को फंसाकर होने वाले ‘लव जिहाद‘ और आर्थिक प्रलोभन देकर हिंदू समाज के बड़े पैमाने पर होने वाले ‘धर्मांतरण’ पर निश्चित रूप से रोक लगेगी। कानून तो पारित हो गया है, लेकिन अब इसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
इससे पहले राज्य सरकार ने ‘लाडली बहनों’ को आर्थिक सुरक्षा देने वाली योजना पेश की थी और अब उन्हें सही मायनों में सुरक्षा देने वाला कानून लाकर सरकार ने ‘लाडली बहनों’ को सुरक्षित कर दिया है। यह प्रतिक्रिया हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने दी है।
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पूर्वोत्तर भारत के 7 राज्यों में से 5 राज्य ईसाई बहुल
समिति के राज्य संगठक सुनील घनवट ने बताया कि प्रलोभन देकर किए जाने वाले धर्मातरण के कारण पूर्वोत्तर भारत के 7 राज्यों में से 5 राज्य ईसाई बहुल हो गए है। कुल मिलाकर भारत के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हिंदू ‘अल्पसंख्यक’ हो गए है, जिससे यह समझ आता है कि ‘धर्मांतरण’ की समस्या कितनी गंभीर है।
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राज्य सरकार ने यह कानून बनाया, इसके लिए सरकार को पुनः बधाई, लेकिन यह कानून समाज तक पहुंचे, इसके लिए सरकार को इसके प्रचार-प्रसार के प्रयास करने चाहिए। राज्य के हर स्कूल में इस कानून के बारे में जागरूकता पैदा की जाए और आदिवासी बहुल इलाकों में इस पर प्रबोधन हो, इसके लिए सरकार को योजना बनानी चाहिए।
