सुनेत्रा पवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Sunetra Pawar: महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने घोषणा की है कि राज्य के आगामी विधानसभा सत्र में महिला किसानों के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए एक विशेष विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, केंद्र सरकार की तर्ज पर महाराष्ट्र में राज्य स्तरीय ‘जेंडर रिसोर्स सेंटर’ की स्थापना की जाएगी।
विधान भवन के केंद्रीय सभागार में अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 और विश्व महिला दिवस के अवसर पर आयोजित सर्वदलीय चर्चासत्र में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि नए कानून में 7/12 उतारे पर महिलाओं का नाम दर्ज न होने की समस्या दूर की जाएगी और कृषि आंकड़ों में पुरुष व महिला किसानों की अलग-अलग गणना होगी।
‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा, कृषि विभाग की सभी योजनाओं में कम से कम 30 प्रतिशत लाभ महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा। पीएम-किसान योजना का लाभ 18 लाख महिलाओं को मिल रहा है। पुणे में 75 प्रतिशत अनुदान पर ड्रोन खरीद की मंजूरी को ‘पुणे पैटर्न’ के रूप में पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
यह भी पढ़ें – धनुष-बाण पर आज महामुकाबला, सुप्रीम कोर्ट में होगी ‘आर-पार’ की जंग, दांव पर लगी विधायकों की सदस्यता
विधान परिषद उपसभापती डॉ. नीलम गोर्हे ने कहा कि कृषि में लगभग 80 प्रतिशत योगदान महिलाओं का है, फिर भी उन्हें किसान की कानूनी पहचान नहीं मिलती। पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने महिलाओं को केवल ‘गृहिणी’ न मानकर उन्हें ‘कृषि उद्यमी’ के रूप में देखने का आह्वान किया।
उन्होंने पशुपालन, रेशम उद्योग और मधुमक्खी पालन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। एम. एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन की नित्या राव ने सुझाव दिया कि महिला किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए एक विशेष ‘कृषि विकास कोष’ बनाया जाना चाहिए।