

Mumbai Coastal Safety: महाराष्ट्र सरकार ने अपने समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित और ज्यादा सक्षम बनाने के लिए बड़े कदम उठाने का फैसला किया है। इसके लिए कई नई योजनाओं को मंजूरी दी गई है। मार्डन ड्रोन, स्पीड बोट खरीदने के साथ ही सेवानिवृत्त अग्निवीरों और होमगाडों को तैनात करने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आतंकवाद और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सामरिक सुरक्षा को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया है।
महाराष्ट्र समुद्री सुरक्षा के रूप में मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग सहित 720 किलो मीटर की समुद्री सुरक्षा सशक्त घेरा बनाया जाएगा। सुरक्षा बढ़ाने के लिए नौसेना, तटरक्षक बल और समुद्री पुलिस के बीच तालमेल बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। इसके तहत पेट्रोलिंग और निगरानी के लिए सेवानिवृत्त अग्निवीरों और होमगाडों को तैनात करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, गैर-कानूनी मछली पकड़ने को रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए 10 नए मॉडर्न ड्रोन खरीदने का फैसला किया गया है।
महाराष्ट्र स्टेट सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार राज्य के 91 संवेदनशील बंदरगाहों पर सुरक्षा पक्की करने के लिए सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर तैनात करने का फैसला किया है, रिक्त पदों को भरने के लिए नए रिक्रूटमेंट प्रोसेस और 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' के तहत 'सागर मित्रों' की नियुक्ति का भी प्रस्ताव है। पश्चिम एशिया में ग्लोबल तनाव और संघर्षों ने समुद्री व्यापार में जोखिम बढ़ा दिए हैं। इसके समाधान के लिए सरकार ने लगभग 12,980 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी के साथ 'इंडिया मैरीटाइम इंश्योरेंस पुल' बनाने को मंजूरी दी है। इससे भारतीय जहाजों की विदेशी इंश्योरेंस कंपनियों पर निर्भरता कम होगी और सुरक्षा मिलेगी।
इंडियन नेवी, महाराष्ट्र पुलिस और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास मिलकर संदिग्ध जहाजों को ट्रैक करने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन (एमडीए) पर काम कर रहे हैं। इसके जरिए कुछ ही सेकेंड में संदिग्ध जहाजों का पता लगाया जा सकता है। माहिम कोस्टल पुलिस स्टेशन में एक सेंट्रल कंट्रोल रूम के जरिए नावों पर नज़र रखी जाएगी। रियल-टाइम मॉनिटरिंग और इमरजेंसी रिस्पांस के लिए सात तटीय जिलों में और कंट्रोल रूम बनाने की योजना है।
नेवी, ओएनजीसी, मुंबई बंदरगाह, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट, छोटे बंदरगाह, ऑफशोर इंस्टॉलेशन और पेट्रोकेमिकल की सुरक्षा अहम है। राज्य की तटीय सीमा में लगभग 32,000 जहाजें चलती हैं। इनमें लगभग 28,000 मछली पकड़ने वाले जहाज और 4,000 पैसेंजर नावें शामिल हैं।
राज्य तटीय सुरक्षा के प्रमुख राजीव जैन के अनुसार एमडीए प्रोजेक्ट की सर्वर क्षमता बढ़ाने का काम चल रहा है। जहाजों और कंट्रोल रूम के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन के साथ बातचीत चल रही है।
समुद्र में नेटवर्क कवरेज को बेहतर बनाने के लिए और कोस्टल टावर लगाए जा रहे हैं। फिलहाल ऑटोमेटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एआईएस) की मदद से जहाजों की निगरानी की जा रही है। एआईएस बड़े कमर्शियल जहाजों को अच्छे से ट्रैक करता है, लेकिन इसमें मछली पकड़ने और यात्री पोतों जैसे छोटे जहाजों पर नज़र रखने में मुश्किल आती है।
महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड की ओर से साइन किए गए 56,017 करोड़ रुपये के समझौते को असरदार तरीके से लागू करने के लिए सोमवार को मत्स्य पालन व बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। बोर्ड ने बड़े पैमाने पर निवेश के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ 19 समझौते किए हैं। मंत्री राणे ने इन सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।