कैबिनेट बैठक में दोनों डीसीएम नदारद, फिर नाराजगी की अटकलें तेज

Maharashtra Cabinet Meeting: महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जिसे मुंबई महापौर पद और पुणे चुनाव हार से जुड़ी नाराजगी से जोड़कर देखा गया।
Mahayuti government
Maharashtra Cabinet Meeting:महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Mumbai News: मुंबई महानगरपालिका सहित राज्य की 29 महापालिकाओं के चुनाव की सरगर्मी खत्म होने के बाद शनिवार को महाराष्ट्र की महायुति सरकार की एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 10 अहम निर्णय लिए गए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा दोनों उपमुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति को लेकर रही।

कैबिनेट बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजीत पवार के शामिल न होने से राजनीतिक गलियारों में नाराजगी की अटकलें तेज हो गई हैं। खास तौर पर यह दावा किया जा रहा है कि मुंबई महापौर पद को लेकर दबाव बनाने की रणनीति के तहत उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बैठक से दूरी बनाए रखी।

शिंदे गुट की भूमिका निर्णायक

मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा ने 89 सीटें जीतने के बावजूद अपने दम पर महापौर बनाने का बहुमत हासिल नहीं किया है। वहीं, 29 सीटें जीतकर शिवसेना (शिंदे गुट) किंगमेकर की भूमिका में आ गई है। पहली बार भाजपा के लिए मुंबई का महापौर बनाने में शिंदे गुट की भूमिका निर्णायक बन गई है। इसी राजनीतिक मजबूरी को भांपते हुए शिंदे गुट ने महापौर पद के लिए ढाई-ढाई साल का फार्मूला सामने रखा है।

पुणे की हार से अजीत पवार भी नाराज

दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के लिए पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ की हार बड़ा झटका मानी जा रही है। इन दोनों महापालिकाओं में भाजपा और राकां (अजीत पवार गुट) ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था। चुनाव प्रचार के दौरान अजीत पवार ने भाजपा पर तीखे हमले किए, लेकिन नतीजों में भाजपा को ही स्पष्ट लाभ मिला।

सीएम फडणवीस के सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही सभी मंत्रियों को कैबिनेट बैठकों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद रिपोर्टों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री शिंदे ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर बैठक में शामिल न होने की सूचना दी, जबकि अजीत पवार ने चुनाव प्रचार की थकान को अपनी अनुपस्थिति का कारण बताया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com