Maharashtra Cab Drivers की भूख हड़ताल की चेतावनी, मांगें नहीं मानी गईं तो 18 अप्रैल से आंदोलन
Maharashtra Cab Drivers का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मांगों पर समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने 18 अप्रैल से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी दी है, जिससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र कैब ड्रायवर्स (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Cab Drivers Hunger Strike: महाराष्ट्र में कैब चालकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। चालकों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे 18 अप्रैल से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
इस कदम से राज्य की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। राज्य भर में ऐप आधारित कैब सेवाओं के प्रबंधन को लेकर चालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
उनका आरोप है कि कंपनियां मनमाने तरीके से किराए तय करती हैं, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर ड्राइवर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई के कफ परेड स्थित कवल मेंशन की पहली मंजिल पर उठी आग की लपटें, सुरक्षित निकाले गए लोग
पुणे जहरीली शराब कांड: भिवंडी से 5,929 किलो मेथनॉल जब्त, एफडीए ने गोदाम किया सील
मुंबई में CNG महंगी होते ही स्टेशनों पर लगी लंबी कतारें, ऑटो-टैक्सी किराया बढ़ने के संकेत
एमबीपीटी भूमि विवाद पर फैसले का इंतजार, लाखों लोगों की जिंदगी और कारोबार दांव पर
पुणे से मुंबई तक पैदल मार्च
10 अप्रैल को तीन कैब चालकों ने पुणे से मुंबई के मंत्रालय तक पैदल मार्च शुरू किया। इस मार्च का उद्देश्य सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करना था। मंगलवार को यह मार्च अंधेरी हवाई अड्डे क्षेत्र तक पहुंच गया, जहां अन्य चालकों ने भी समर्थन जताया।
अधिकारियों के साथ बैठक में उठीं मांगें
बुधवार को इंडियन गिग वर्कर्स फोरम और रिक्शा-टैक्सी चालकों ने परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर और सहायक परिवहन आयुक्त भरत कलास्कर के साथ बैठक की। इस दौरान चालकों ने ऐप में निर्धारित किराए लागू करने और आय से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
ये भी पढ़ें :- New Traffic Rules 2026: 45 दिन में भरना होगा ई-चालान, वरना बढ़ेगी परेशानी
Maharashtra Cab Drivers को सरकार ने दिया आश्वासन
बैठक में परिवहन आयुक्त ने चालकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। साथ ही संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ गुरुवार को बैठक आयोजित करने की बात कही गई है। अब सभी की नजर इस बैठक के नतीजे पर टिकी है, जिससे आगे के आंदोलन की दिशा तय होगी।
