छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को नमन करते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Shivaji Maharaj Tribute: महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र (2026-27) की शुरुआत आज एक भावुक और गरिमामय माहौल में हुई। सत्र की औपचारिक कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने मुंबई स्थित विधान भवन परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा का ‘बजट सेशन 2026’ शुरू होने से पहले मुंबई के विधान भवन में महाराष्ट्र के आराध्य देवता छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि दी और उनका आशीर्वाद लिया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और अन्य साथी मौजूद थे।
#WATCH | Maharashtra CM Devendra Fadnavis, Deputy CMs Eknath Shinde and Sunetra Pawar pay tribute to Chhatrapati Shivaji Maharaj in Mumbai ahead of the Budget Session of the Assembly. After the demise of Finance Minister and DCM Ajit Pawar, CM Devendra Fadnavis is to present the… pic.twitter.com/3nWISuM92a — ANI (@ANI) February 23, 2026
यह बजट सत्र राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। हाल ही में दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद, राज्य के वित्त विभाग की जिम्मेदारी अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कंधों पर है। यह पहला मौका है जब फडणवीस एक पूर्णकालिक वित्त मंत्री की भूमिका में राज्य का वार्षिक लेखा-जोखा यानी ‘बजट 2026-27’ सदन के पटल पर रखेंगे।
महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति को देखते हुए, इस बजट में लोकलुभावन घोषणाओं पर सबकी नजर रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फडणवीस सरकार बुनियादी ढांचे, कृषि ऋण माफी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दे सकती है। साथ ही, ‘लाडकी बहिन’ जैसी योजनाओं के लिए फंड का आवंटन भी चर्चा का विषय रहेगा।
यह भी पढ़ें:- मुंबई वालों पर चढ़ा घूमने का खुमार! IRCTC टूर पैकेज से बनाया रिकॉर्ड, अंडमान और नेपाल बने पहली पसंद
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में ‘महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र 2026’ की पूर्व संध्या यानी 22 फरवरी को ‘चहापान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसका सत्तापक्ष के नेताओं ने आनंद लिया। वहीं विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी के दलों ने सत्र से एक दिन पहले सरकार द्वारा आयोजित टी पार्टी का बहिष्कार किया है।