दत्तात्रय भरणे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Agriculture Minister Dattatray Bharne Speech: महाराष्ट्र में डिजिटल कृषि क्रांति के बीच किसानों के संवेदनशील डेटा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने ‘किसान आईडी’ (Kisan ID) बनाने की प्रक्रिया में निजी एजेंसियों की संदेहास्पद भूमिका और डेटा लीक के खतरे का मुद्दा उठाया।
विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि राज्य के कुछ हिस्सों में जन सेवा केंद्र (CSC) और अन्य निजी एजेंसियां अवैध रूप से किसान आईडी कार्ड छापकर किसानों को बेच रही हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए निजी कंपनियों को ठेका दिया गया है? यदि हाँ, तो क्या इसके लिए पारदर्शी निविदा (Tender) प्रक्रिया का पालन किया गया?
वडेट्टीवार ने आगाह किया कि किसान आईडी में किसानों की व्यक्तिगत जानकारी के साथ-साथ उनके बैंक खातों का विवरण भी शामिल होता है। ऐसे में यदि यह डेटा किसी निजी संस्था के हाथ लगता है, तो साइबर हैकिंग या डेटा चोरी का बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है।
इन आरोपों का जवाब देते हुए राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने स्पष्ट किया कि सरकार ने किसान आईडी कार्ड को आधिकारिक रूप से छापने या बेचने का कोई प्रावधान नहीं किया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यदि कोई सीएससी या निजी सेवा केंद्र कार्ड बेचते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री दत्तात्रय भरणे ने यह भी जोड़ा कि फिलहाल सरकार को इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन यदि अनियमितता के सबूत मिलते हैं, तो उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।
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कृषि मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि कृषि जनगणना के अनुसार महाराष्ट्र में लगभग 1.71 करोड़ किसान हैं और 4 मार्च 2026 तक 1.31 करोड़ से अधिक किसानों के लिए किसान आईडी जारी की जा चुकी है।
वहीं, राज्य के राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटिल ने बताया कि 2023-24 के खरीफ सीजन के दौरान फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को राज्य सरकार ने 15,817 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। प्रश्नों के जवाब में पाटिल ने कहा कि राज्य में करीब 1.02 करोड़ किसानों की फसलें प्रभावित हुईं, जिनमें लगभग 79.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान दर्ज किया गया। सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है।