अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पनाह देने वालों पर सख्ती, बिल्डर-व्यापारियों पर होगी कानूनी कार्रवाई
Maharashtra Government ने अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को नौकरी और पनाह देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला किया है।डेवलपर्स व व्यापारियों को चेतावनी देते हुए प्रशासन को निगरानी के निर्देश दिए गए।
- Written By: अपूर्वा नायक
बांग्लादेशी कर्मचारी (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Action On Illegal Bangladeshi Workers: मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में बांग्लादेशी नागरिकों को पनाह देने वाले लोग होशियार हो जाएँ। क्योंकि अब राज्य सरकार और पुलिस ने उन बिल्डरों, व्यापारियों तथा उद्योगपतियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का फैसला कर लिया है।
जो अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को नौकरी और रहने की जगह दे रहे हैं। गृह मंत्रालय ने हाल ही में इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिए हैं कि, ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है कि कुछ मुट्ठी भर बिजनेसमैन अपने निजी फायदे के लिए देश की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। बिल्डर, छोटे-बड़े व्यापारी और उद्योगपति सस्ते वेतन पर काम करने वाले बांग्लादेशी इमिग्रेंट्स को नौकरी पर रख रहे हैं और उन्हें प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि, सरकार ने सर्कुलर में स्पष्ट कहा है कि इससे राज्य और राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
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मालिकों को ठहराया जाएगा जिम्मेदार
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि, कोई भी बिजनेस कंपनी बांग्लादेशी नागरिकों को वर्कर के तौर पर नौकरी पर नहीं रख पाएगी। अगर कंस्ट्रक्शन लेबर, मैकेनिक और वेल्डर, गाड़ी चलाने वाले, प्लंबर और वेटर के फील्ड में बांग्लादेशी वर्कर पाए जाते हैं। तो मालिकों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि अगर जरूरत पड़ी तो कानून और नियमों में बदलाव किए जाएंगे। ‘नेशनल सिक्योरिटी सबसे जरूरी’ बताते हुए, यह आदेश जारी किया गया है कि, किसी भी हालत में घुसपैठियों को नौकरी न दी जाए।
घुसपैठिए बना रहे हैं सरकारी डॉक्यूमेंट्स
यह देखा गया है कि घुसपैठिए भारत में रहने के लिए नकली डॉक्यूमेंट्स और सरकारी डॉक्यूमेंट्स तैयार कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल करके असली डॉक्यूमेंट्स के साथ छेड़छाड़ की जाती है।
इसके समाधान के तौर पर यह निर्देश दिए गए है कि सभी एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट्स एप्लीकेशन के साथ, अटैच सबूतों और डॉक्यूमेंट्स को वेरीफाई करने के लिए एक ऑनलाइन सिस्टम’ बनाएं, सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि इससे डॉक्यूमेंट्स जारी करने वाले सिस्टम से उनकी असलियत को तुरंत वेरीफाई करना मुमकिन हो जाएगा।
इस फैसले से, अब एडमिनिस्ट्रेशन उन लोगों पर नजर रखेगा जो गैर-कानूनी इमिग्रेंट्स को पनाह देते हैं, और नकली डॉक्यूमेंट्स के आधार पर सरकारी स्कीम्स का फायदा उठाने वालों पर भी दबाव पड़ेगा।
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मुंबई में बांग्लादेशी वर्कर्स नहीं होने का देना होगा एफिडेविट, सर्कुलर जारी
- मुंबई में डेवलपर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स से यह एफिडेविट देने के लिए कहा गया है कि उनके पास बांग्लादेशी वर्कर्स नहीं हैं। यह बात होम स्टेट मिनिस्टर योगेश कदम ने विधानसभा में कही।
- सर्कुलर के जरिए यह भी निर्देश दिए गए हैं कि, अगर ग्रामीण इलाकों में संदिग्ध नागरिक मिलते हैं। तो वे पुलिस थानों को इन्फॉर्म करें, होम डिपार्टमेंट ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को इस बारे में सभी पुलिस स्टेशनों को डिटेल में निर्देश जारी करने का भी आदेश दिया है।
