मुंबई लोकल अपडेट: उल्हास नदी का पानी पटरियों पर आने से बदलापुर-कर्जत रूट ठप, 2 बार रोकना पड़ा रेल यातायात
Mumbai Local Train Update: मुंबई में भारी बारिश के कारण उल्हास नदी का जलस्तर बढ़ने से नेरल और भिवपुरी रोड स्टेशनों के बीच पटरियों पर पानी भर गया। बुधवार को दो बार लोकल ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ीं।
- Written By: रूपम सिंह
मुंबई लोकल ट्रेन (सोर्स-सोशल मीडिया)
Mumbai Local Train Badlapur Karjat Route: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण उल्हास नदी का जलस्तर बढ़ने से बुधवार को मध्य रेल की उपनगरीय सेवाएं प्रभावित रहीं। नेरल और भिवपुरी रोड स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण अप और डाउन दोनों लाइनों पर दिन में दो बार रेल यातायात अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इससे कर्जत, नेरल, भिवपुरी रोड, बदलापुर और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह पहली बार रोकी गई रेल सेवाएं
बुधवार तड़के से जारी भारी बारिश के चलते सुबह 4:52 बजे नेरल-भिवपुरी रोड रेलखंड के ट्रैक पर पानी भर गया। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने तत्काल दोनों लाइनों पर रेल संचालन रोक दिया। जलस्तर कम होने के बाद अधिकारियों ने ट्रैक का निरीक्षण किया और आवश्यक सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद सुबह 6:10 बजे रेल सेवाएं फिर से शुरू कर दीं।
दूसरी बार भी ट्रैक पर पहुंचा पानी
कुछ घंटों बाद उल्हास नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया और सुबह 10:40 बजे दोबारा पटरियों पर पानी पहुंच गया। इसके चलते दूसरी बार रेल यातायात रोकना पड़ा। करीब 52 मिनट बाद पानी का स्तर घटने पर ट्रैक की दोबारा जांच की गई और सुबह 11:32 बजे रेल सेवाएं पुनः बहाल कर दी गईं।
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लोकल ट्रेनों के समय पर पड़ा असर
बार-बार रेल संचालन बाधित होने से कई लोकल ट्रेन और उपनगरीय ट्रेनों के परिचालन तथा समय-सारिणी पर असर पड़ा। यात्रियों को ट्रेनों के विलंब और रद्द होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। स्टेशन परिसरों में भी यात्रियों की भीड़ देखी गई।
सुरक्षा को प्राथमिकता, हालात पर नजर
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कारण ट्रैक पर पानी आने की स्थिति में एहतियात के तौर पर रेल यातायात रोका गया। अधिकारियों ने कहा कि यदि बारिश जारी रहती है और उल्हास नदी का जलस्तर फिर बढ़ता है, तो इस रेलखंड पर दोबारा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। मध्य रेल के अधिकारी लगातार मौसम और जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल निर्णय लेने के लिए तैयार हैं।
