

Water Metro Mumbai Devendra Fadnavis: मुंबई और एमएमआर की मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार 6,066 करोड़ रुपए की लागत से दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क विकसित करेगी। इस परियोजना के तहत 340 किलोमीटर लंबे नेटवर्क में 33 जलमार्ग, 44 टर्मिनल शामिल होंगे और पर्यावरण अनुकूल 203 इलेक्ट्रिक-हाइब्रिड जलयान खरीदे जाएंगे।
विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर मत्स्यव्यवसाय व बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे के कार्य की सराहना करते हुए इसे मुंबई की यातायात व्यवस्था में गेम चेंजर बताया। विधानसभा में विपक्ष के प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई की बढ़ती यातायात समस्या का स्थायी समाधान केवल सड़क और रेल नेटवर्क के विस्तार से संभव नहीं है। इसलिए राज्य सरकार जल परिवहन को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वर्ष 2031 तक इस सेवा से करीब 7.5 करोड़ यात्रियों के लाभान्वित होने का अनुमान है। विशेष रूप से मंत्री नितेश राणे के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राणे ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने में प्रभावी और सराहनीय भूमिका निभाई है। मुंबई की जल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सक्षम बनाने के लिए जिस तरह की योजना तैयार की गई है, वह भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
इसके साथ ही आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी जानकारी दी कि मुंबई की समग्र परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में पॉड टैक्सी सेवा शुरू करने की भी योजना है। उनका कहना था कि सड़क, मेट्रो, लोकल ट्रेन और जल परिवहन को एकीकृत कर यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और निर्वाच यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वॉटर मेट्रो परियोजना मुंबई की मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी और सड़कों व उपनगरीय रेल पर बढ़ते दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि परियोजना के तहत 340 किलोमीटर लंबा जल परिवहन नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिसमें 33 मार्गों और 44 टर्मिनलों का विकास किया जाएगा।
यह परियोजना पूरी होने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी वॉटर मेट्रो प्रणाली के रूप में स्थापित होगी।
वॉटर मेट्रो परियोजना शुरू होने के बाद मुंबई की सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।