लेंसकार्ट विवाद में नया मोड़: पीयूष बंसल की पत्नी निधि मित्तल का X अकाउंट डीएक्टिवेट, मोदी से जुड़ा है मामला
Nidhi Mittal Lenskart Controversy: लेंसकार्ट कॉन्ट्रोवर्सी के बाद पीयूष बंसल की पत्नी निधि मित्तल का X अकाउंट डीएक्टिवेट। पीएम मोदी विरोधी पुराने ट्वीट वायरल होने पर मचा बवाल।
- Written By: अनिल सिंह
Nidhi Mittal Lenskart Controversy (फोटो क्रेडिट-X)
Nidhi Mittal Bansal X Account Deactivated: आईवियर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लेंसकार्ट (Lenskart) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कर्मचारियों के ‘ड्रेस कोड’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब कंपनी के संस्थापक और CEO पीयूष बंसल की पत्नी निधि मित्तल बंसल एक नए संकट में घिर गई हैं। निधि मित्तल, जो लेंसकार्ट फाउंडेशन की चेयरपर्सन भी हैं, ने अपना सोशल मीडिया अकाउंट (X) डीएक्टिवेट कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब उनके द्वारा 2013 से 2015 के बीच किए गए पुराने ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे, जिनमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और हिंदू संगठनों के खिलाफ तीखी टिप्पणियां की थीं।
इन वायरल स्क्रीनशॉट्स में निधि मित्तल आम आदमी पार्टी (AAP) के समर्थन में ‘वोट फॉर मफलरमैन’ जैसे हैशटैग का उपयोग करती और हिंदू महासभा की आलोचना करती दिखाई दे रही हैं। जैसे ही ये पोस्ट सार्वजनिक हुईं, सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट के खिलाफ ‘हिंदू विरोधी’ होने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर बहिष्कार (Boycott) की लहर दौड़ गई। आलोचकों का तर्क है कि कंपनी की आंतरिक नीतियों और इसके शीर्ष नेतृत्व की व्यक्तिगत विचारधारा का सीधा संबंध हिंदू प्रतीकों पर लगाई गई पाबंदियों से है।
ड्रेस कोड विवाद और पीयूष बंसल की सफाई
यह नया विवाद ऐसे समय में आया है जब पीयूष बंसल पहले से ही कंपनी की एक ‘स्टाइल गाइड’ को लेकर स्पष्टीकरण दे रहे थे। फरवरी 2026 की इस गाइडलाइन में कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया था, जबकि हिजाब और पगड़ी को काले रंग की शर्त के साथ अनुमति दी गई थी। शुरुआती विरोध के बाद पीयूष बंसल ने 15 अप्रैल को एक बयान जारी कर इन दस्तावेजों को पुराना और अनौपचारिक बताया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर ‘कम्युनिटी नोट’ के जरिए उनकी इस दलील को चुनौती दी गई, जिसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस चूक के लिए माफी मांगी।
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ग्रूमिंग गाइडलाइन और भेदभाव के आरोप
23 पन्नों के उस विवादित दस्तावेज़ में ग्रूमिंग नियमों को लेकर कड़े निर्देश थे। इसमें कर्मचारियों से कलाई पर बंधे धार्मिक धागे हटाने और सिंदूर की मात्रा को सीमित रखने की सलाह दी गई थी। हिंदू धार्मिक प्रतीकों के प्रति कंपनी के इस सख्त रवैये और हिजाब के प्रति उदार रुख को सोशल मीडिया पर ‘दोहरा मानदंड’ करार दिया गया। पीयूष बंसल ने बाद में स्वीकार किया कि बिंदी और तिलक पर रोक वाली बात कभी लिखी ही नहीं जानी चाहिए थी और इसे आंतरिक रूप से हटाने का दावा किया, लेकिन जनता का गुस्सा अब उनकी पत्नी के पुराने बयानों की ओर मुड़ गया है।
निधि मित्तल का करियर और रसूख
निधि मित्तल बंसल न केवल पीयूष बंसल की पत्नी हैं, बल्कि लेंसकार्ट में एक बड़ी शेयरहोल्डर और सामाजिक कार्यों की प्रमुख भी हैं। पत्रकारिता और पब्लिक हेल्थ बैकग्राउंड वाली निधि ‘लेंसकार्ट फाउंडेशन’ के जरिए आंखों की जांच और मुफ्त चश्मे बांटने जैसे अभियान चलाती हैं। हालांकि, उनके राजनीतिक विचारों और पुराने ट्वीट्स के सामने आने से अब कंपनी की ब्रांड इमेज को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। जानकारों का मानना है कि इस ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ के कारण लेंसकार्ट को भारतीय बाजार में अपनी साख बचाने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।
