कुर्ला बस हादसे के मामले में गिरफ्तार आरोपी ड्राइवर (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: मुंबई में कुर्ला पश्चिम में 9 दिसंबर को हुए भीषण बस हादसा हुआ था। इस मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी एवं बस चालक संजय मोरे की जमानत याचिका खारिज कर दी। मोरे ने जमानत के लिए सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और दावा किया था कि वह निर्दोष है तथा दुर्घटना बस में तकनीकी खराबी के कारण हुई थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायालय के न्यायाधीश सचिन पवार ने शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी की जमानत खारिज किया जा रहा है। बता दें कि 4 जनवरी को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने मोरे की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस बीच फोरेंसिक रिपोर्ट और आरटीओ रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि घटना के समय मोरे नशे में नहीं था। इसके अलावा बस में कोई तकनीकी खराबी भी नहीं थी।
पुलिस ने उनकी जमानत याचिका का विरोध करते हुए दावा किया कि दुर्घटना मोरे की गलती के कारण हुई थी। मोरे एक अच्छा ड्राइवर नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। इसके अलावा, पुलिस ने मोरे की जमानत याचिका खारिज करने की मांग करते हुए दावा किया था कि जमानत पर रिहा होने पर उसके भागने की संभावना है।
बता दें कि 9 दिसंबर को मुंबई के कुर्ला बस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई थी और 49 लोग घायल हुए थे। इसके बाद इलाज के दौरान एक घायल ने दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद में बस चालक संजय मोरे (54) को गिरफ्तार कर लिया गया। चालक मोरे के परिवार उसे बचाते हुए यह दावा किया कि ब्रेक फेल होना दुर्घटना का कारण हो सकती है और उसने शराब नहीं पी थी।
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इधर मोटर वाहन निरीक्षक भरत जाधव के नेतृत्व में वडाला आरटीओ की एक टीम ने हादसे के दूसरे दिन बेस्ट के कुर्ला डिपो में बस का निरीक्षण पूरा कर रिपोर्ट दी थी।