कस्तूरबा अस्पताल में मरीज की आत्महत्या पर सियासत, किशोरी पेडणेकर ने उठाए सवाल, बीएमसी से निष्पक्ष जांच की मांग
Mumbai Hospital News: चिंचपोकली के कस्तूरबा अस्पताल में मरीज की आत्महत्या पर किशोरी पेडणेकर ने बीएमसी प्रशासन को घेरा। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और विभागीय जांच की मांग की है।
- Written By: रूपम सिंह
चिंचपोकली के कस्तूरबा अस्पताल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mumbai Kasturba Hospital Patient Suicide Case: चिंचपोकली स्थित कस्तूरबा अस्पताल में एक मरीज की कथित आत्महत्या के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मुंबई महानगरपालिका में विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर ने शुक्रवार को अस्पताल का दौरा कर घटना की जानकारी ली और इसे बीएमसी की स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर विफलता करार दिया। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
किशोरी पेडणेकर ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिवनंदा लावंड से घटना की जानकारी लेने के बाद कहा कि उपचार के लिए भर्ती मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ऐसे में अस्पताल परिसर में आत्महत्या जैसी घटना होना गंभीर लापरवाही का संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के समय ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश जाधव ने अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों का समुचित निर्वहन नहीं किया और समय से पहले अस्पताल छोड़ दिया, जिससे पूरी जिम्मेदारी कनिष्ठ अधिकारियों पर आ गई।
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SOP लागू करने की भी मांग
उन्होंने कहा कि इस मामले की अतिरिक्त आयुक्त (स्वास्थ्य) या किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध विभागीय जांच कराई जाए। साथ ही सीसीटीवी फुटेज, बायोमेट्रिक उपस्थिति, ड्यूटी रोस्टर, लॉग बुक, मेडिको-लीगल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं तथा जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को प्रशासनिक जिम्मेदारियों से दूर किया जाए।
पेडणेकर ने यह भी मांग की कि यदि जाच में आरोप सिद्ध होते हैं तो महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए, उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बीएमसी के सभी अस्पतालों में क्रिटिकल इंसिडेंट रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल (एसओपी) लागू करने की भी मांग की है।
