इंडियन ओवरसीज बैंक में फर्जी खातों से साइबर ठगी का भंडाफोड़, मुंबई साइबर पुलिस ने 7 पर दर्ज की FIR
Mumbai Cyber Police: मुंबई मध्य साइबर पुलिस ने IOB की शाखाओं में फर्जी खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। 7 नामजद आरोपियों पर FIR दर्ज की गई है।
- Written By: रूपम सिंह
साइबर ठगी प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Indian Overseas Bank Mumbai Cyber Fraud: मुंबई की मध्य साइबर पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) की विभिन्न शाखाओं में फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलकर कथित रूप से साइबर ठगी की रकम को खपाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल देशभर में साइबर अपराध से अर्जित धन को विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था।
सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में सलमान हबीब पठान, चिराग टोपरानी, साजिद कोठावाला, सैयद वहीउद्दीन, राकेश मिश्रा, रक्षित हेगड़े और आर्यन ठक्कर सहित सात नामजद आरोपियों तथा उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, सलमान पठान ने कथित तौर पर साइबर अपराध से प्राप्त धन को हासिल करने के उद्देश्य से यह नेटवर्क तैयार किया था।
फर्जी दस्तावेजों से खोले गए करंट अकाउंट
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों और नकली स्टांप की मदद से कई कथित शेल कंपनियां तैयार कीं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर इंडियन ओवरसीज बैंक की दादर, माहिम, बोरीवली और मीरा रोड शाखाओं में कई म्यूल करंट अकाउंट खोले गए। पुलिस का आरोप है कि इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धन को पहले जमा किया जाता था और फिर विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया जाता था।
सम्बंधित ख़बरें
फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट पर सख्ती: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन, दोषी RTO अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
शरद पवार गुट को राहत, ईश्वरपुर नगराध्यक्ष मलगुंडे की अयोग्यता पर रोक, फडणवीस से जयंत पाटिल की मुलाकात का असर
हिंसा पर राजनीति नहीं, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई, संभाजीनगर भाजपा शहराध्यक्ष शितोले ने अभिजीत दीपके को घेरा
ठाणे-मुलुंड नया रेलवे स्टेशन: 250 करोड़ जल्द जारी होंगे? रेल मंत्री से मिले सांसद नरेश म्हस्के
यह भी पढ़ें:- फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट पर सख्ती: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन, दोषी RTO अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
मुंबई पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को शिकायत मिलने के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इस नेटवर्क के जरिए कितनी राशि का लेन-देन किया गया। पुलिस ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
