

Indian Overseas Bank Mumbai Cyber Fraud: मुंबई की मध्य साइबर पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) की विभिन्न शाखाओं में फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलकर कथित रूप से साइबर ठगी की रकम को खपाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल देशभर में साइबर अपराध से अर्जित धन को विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था।
पुलिस ने इस मामले में सलमान हबीब पठान, चिराग टोपरानी, साजिद कोठावाला, सैयद वहीउद्दीन, राकेश मिश्रा, रक्षित हेगड़े और आर्यन ठक्कर सहित सात नामजद आरोपियों तथा उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, सलमान पठान ने कथित तौर पर साइबर अपराध से प्राप्त धन को हासिल करने के उद्देश्य से यह नेटवर्क तैयार किया था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों और नकली स्टांप की मदद से कई कथित शेल कंपनियां तैयार कीं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर इंडियन ओवरसीज बैंक की दादर, माहिम, बोरीवली और मीरा रोड शाखाओं में कई म्यूल करंट अकाउंट खोले गए। पुलिस का आरोप है कि इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धन को पहले जमा किया जाता था और फिर विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया जाता था।
मुंबई पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को शिकायत मिलने के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इस नेटवर्क के जरिए कितनी राशि का लेन-देन किया गया। पुलिस ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।