अमित शाह कहें तो एक पैर पर खड़े हो जाएंगे शिंदे… कन्हैया कुमार का हमला, बोले- शाह के पास सरेंडर है सरकार
Kanhaiya Kumar Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में कन्हैया कुमार ने एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह के कहने पर शिंदे एक पैर पर भी खड़े हो जाएंगे।
- Written By: गोरक्ष पोफली
कन्हैया कुमार और एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Kanhaiya Kumar Slams Eknath Shinde: महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों शब्दों के बाणों की ऐसी बौछार हो रही है जिसने राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के फायरब्रांड नेता कन्हैया कुमार ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर अब तक का सबसे तीखा और निजी हमला बोला है। कन्हैया कुमार ने शिंदे की राजनीतिक स्वायत्तता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उपमुख्यमंत्री का अपना कोई राजनीतिक वजूद नहीं बचा है और वे पूरी तरह से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने नतमस्तक हो चुके हैं।
एक टांग पर खड़े होने का आदेश… और शिंदे तैयार
एक जनसभा को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने बेहद आक्रामक अंदाज में एकनाथ शिंदे का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा, अमित शाह अभी फोन करेंगे और कहेंगे कि एक टांग पर खड़े हो जाओ, तो शिंदे एक टांग पर खड़े हो जाएंगे। अगर शाह कहेंगे कि सिर के बल खड़े हो जाओ, तो वे सिर के बल भी खड़े हो जाएंगे। कन्हैया कुमार का यह बयान सीधे तौर पर यह संदेश देने की कोशिश थी कि महाराष्ट्र की कमान राज्य के हाथों में न होकर दिल्ली के हाथों में है।
स्वाभिमान और मराठा इतिहास का जिक्र
कन्हैया कुमार यहीं नहीं रुके, उन्होंने उपमुख्यमंत्री की नैतिकता और उनके राजनीतिक गौरव पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शिंदे में थोड़ा सा भी शर्म या स्वाभिमान बचा है? महाराष्ट्र के समृद्ध और पराक्रमी इतिहास का हवाला देते हुए कन्हैया ने कहा, इस देश में गौरवशाली मराठा इतिहास है, और उस राजनीति से निकला हुआ व्यक्ति आज अमित शाह के चरणों में सरेंडर है।
सम्बंधित ख़बरें
भंडारा में मानव विकास कार्यक्रम बंद, हजारों छात्राओं और महिलाओं पर पड़ेगा असर
महाराष्ट्र में HSRP नंबर प्लेट पर सख्ती: 6,718 वाहनों पर लगा जुर्माना; ऑनलाइन स्लॉट के लिए 3 हफ्ते का वेटिंग
नागपुर: कलमना की अगरबत्ती फैक्ट्री में भीषण आग, 6 दमकलों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
वर्धा में देह व्यापार पर पुलिस का शिकंजा, 4 पीड़ित महिलाओं को कराया मुक्त
कन्हैया का तर्क था कि जिस मिट्टी ने छत्रपति शिवाजी महाराज जैसा नेतृत्व दिया, वहां का एक नेता दिल्ली के सामने इस कदर सरेंडर कैसे हो सकता है? उनके अनुसार, शिंदे का कोई स्वतंत्र राजनीतिक वजूद नहीं बचा है।
यह भी पढ़ें: दुरबार के हॉस्टल में 40 छात्रों के फूड पॉइजनिंग होने के बाद एक्शन में प्रशासन, जानें पूरी इनसाइड स्टोरी
सियासी हलचल और तीखी प्रतिक्रिया
कन्हैया कुमार के इस जहरीले हमले के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आना तय माना जा रहा है। शिवसेना शिंदे गुट के नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है, जबकि विपक्षी खेमा इसे महाराष्ट्र के गौरव से जोड़कर देख रहा है। कन्हैया कुमार का यह बयान उस समय आया है जब राज्य में महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच वर्चस्व की लड़ाई चरम पर है।
इस बयान ने एक बार फिर दिल्ली बनाम महाराष्ट्र की बहस को छेड़ दिया है। कन्हैया कुमार ने एक टांग पर खड़ा होने वाले रूपक के जरिए शिंदे की छवि एक कठपुतली के रूप में पेश करने की कोशिश की है। अब देखना यह होगा कि एकनाथ शिंदे और भाजपा इस अपमानजनक कटाक्ष का जवाब किस अंदाज में देते हैं। लेकिन एक बात साफ है कि आने वाले दिनों में यह स्वाभिमान और आत्मसमर्पण का मुद्दा महाराष्ट्र के चुनावी विमर्श का केंद्र बनने वाला है।
