जोगेश्वरी कोचिंग टर्मिनल का 55% काम पूरा, जनवरी 2027 से दौड़ेंगी ट्रेनें, मेल-एक्सप्रेस का सफर होगा आसान
Western Railway Mumbai: पश्चिम रेलवे की 76 करोड़ रुपये की जोगेश्वरी कोचिंग टर्मिनल परियोजना का 55 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जनवरी 2027 में यहाँ से पहली ट्रेन चलाने का लक्ष्य है।
- Written By: रूपम सिंह
पश्चिम रेलवे (सोर्स- सोशल मीडिया)
Western Railway Mumbai Jogeshwari Coaching Terminal: मुंबई की रेल व्यवस्था को नई गति देने की दिशा में पश्चिम रेलवे का जोगेश्वरी कोचिंग टर्मिनल परियोजना तेजी से आकार ले रही है। करीब 76 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस आधुनिक टर्मिनल का 55 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
साथ ही यहां से जनवरी 2027 में पहली ट्रेन दौड़ने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज सहित अन्य बुनियादी ढांचे का काम प्रगति पर है। परियोजना पूरी होने के बाद प्लेटफॉर्म पर लौटने वाली मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में उल्लेखनीय सुधार होगा और परिचालन क्षमता बढ़ेगी।
पश्चिम रेलवे मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क की परिचालन क्षमता बढ़ाने और प्लेटफॉर्म पर लौटने वाली मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए जोगेश्वरी में नया कोचिंग टर्मिनल विकसित कर रहा है।
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Mumbai Metro 2A में तकनीकी खराबी, 90 मिनट प्रभावित रहा परिचालन; सिंगल ट्रैक से चलती रहीं सेवाएं
वर्ष 2022-23 में मंजूर इस परियोजना के तहत बन रहे दो मंजिला संबद्ध भवन का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। भवन का संरचनात्मक निर्माण पूरा कर लिया गया है और फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं तीन मंजिला स्टेशन भवन का लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसकी छत का निर्माण हो चुका है, जबकि शेष संरचनात्मक और वास्तु संबंधी कार्य जारी हैं। प्लेटफॉर्म संख्या 1, 2 और 3 की दीवारों का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। शेष कार्य प्रगति पर है।
भूमिगत जल टैंक का 80% कार्य पूरा
कवर ओवर प्लेटफॉर्म का भी 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इसके अधिकांश कॉलम स्थापित किए जा चुके हैं। ट्रैक व लेआउट के तहत 3.5 ट्रैक किलोमीटर में से लगभग 10 प्रतिशत ट्रैक बिछाने का कार्य पूरा हुआ है। इसके लिए आवश्यक निर्माण सामग्री की खरीद की प्रक्रिया भी जारी है। परियोजना में शामिल भूमिगत जल टैंक का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसमें राफ्ट, दीवार, वॉटरप्रूफिंग और स्लैब रीइन्फोर्समेंट का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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इनकी मिल चुकी है मंजूरी
वहीं, ड्रेनेज और आरसीसी बॉक्स ड्रेन का 30 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। अब तक 738 मीटर लंबाई में कार्य पूरा किया जा चुका है। यात्रियों की आवाजाही को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए 6 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज के विस्तार की भी योजना बनाई गई है।
इसके लिए जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। परियोजना से संबंधित अधिकांश महत्वपूर्ण ड्रॉइंग, जिनमें ईएसपी, सीओपी, संबद्ध भवन, स्टेशन भवन, भूमिगत जल टैंक और नाला संबंधी ड्रॉइंग शामिल हैं, मंजूर हो चुकी हैं। सर्कुलेटिंग एरिया की ड्रॉइंग फिलहाल अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में है।
मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों का सुगम होगा परिचालन
पश्चिम रेलवे का यह नया कोचिंग टर्मिनल तैयार होने के बाद प्लेटफॉर्म पर लौटने वाली मेल एवं एक्स्प्रेस ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होगा। इससे टर्मिनल मूवमेंट बेहतर होगा, परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी, ट्रेनों के ठहराव और संचालन में समय की बचत होगी तथा यात्रियों को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
