‘24000 करोड़ का फटका’, 80 लाख लाडकी बहिन अपात्र थी तो 20 महीना क्यों दिया लाभ, जयंत पाटिल ने पूछा सवाल
Jayant Patil Questions Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहिन योजना में 80 लाख अपात्रों पर जयंत पाटिल ने उठाए सवाल; सरकार पर लगाया 24,000 करोड़ की लापरवाही का आरोप।
- Written By: अनिल सिंह
लाडकी बहिन योजना पर महाराष्ट्र में महासंग्राम, जयंत पाटिल ने पूछा सवाल (फोटो क्रेडिट-X)
Jayant Patil Questions Ladki Bahin Yojana Ineligible Beneficiaries: महाराष्ट्र में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए शुरू की गई ‘माझी लाडकी बहिन योजना’ इस समय प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गई है। हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा योजना में बड़े पैमाने पर विसंगतियां और करीब 80 लाख अपात्र लाभार्थियों (जिसमें अमीर परिवार और तकनीकी खामियां शामिल हैं) के पाए जाने की बात स्वीकार करने के बाद विपक्ष ने इसे “सोचा-समझा भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही” करार दिया है। पूर्व मंत्री जयंत पाटिल ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार की मंशा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर उंगलियां उठाई हैं।
पाटिल ने मीडिया से बात करते हुए इस पूरे घटनाक्रम को जनता के टैक्स के पैसों की खुली बर्बादी बताया। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस ऐतिहासिक प्रशासनिक चूक की जिम्मेदारी तुरंत तय की जानी चाहिए और जनता को सच बताया जाना चाहिए।
‘क्या यह सुनियोजित भ्रष्टाचार था?’ जयंत पाटिल का तीखा सवाल
जयंत पाटिल ने सरकार की घेराबंदी करते हुए पूछा कि आखिर किस आधार पर बिना किसी स्क्रूटनी और ठोस जांच-पड़ताल के इतनी बड़ी संख्या में लोगों को इस योजना से जोड़ा गया था? उन्होंने संदेह जताते हुए कहा, “यदि यह 80 लाख लाभार्थी पूरी तरह फर्जी या अपात्र थे, तो सरकार ने इन्हें पिछले 20 महीनों तक लगातार लाभ क्यों दिया? क्या यह कोई सुनियोजित भ्रष्टाचार था, जिसके तहत सरकारी खजाने को 24,000 करोड़ रुपये का सीधा फटका लगाया गया? इस भारी नुकसान के लिए आख़िर कौन जिम्मेदार है?”
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चुनावी फायदे के लिए बिना जांच के बांटी गई रेवड़ियां?
विपक्षी दलों का आरोप है कि महायुति सरकार ने केवल चुनावी वैतरणी पार करने और महिला वोट बैंक को साधने के लिए योजना की शुरुआत में कोई सख्त सत्यापन नियम लागू नहीं किए। जयंत पाटिल ने कहा कि वोट बटोरने के उद्देश्य से बिना किसी तकनीकी फिल्टर के सरकारी धन का वितरण किया गया और अब चुनाव बीत जाने के बाद अचानक इतने बड़े पैमाने पर महिलाओं को अपात्र घोषित कर योजना से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, जो कि सीधे तौर पर राज्य की जनता के साथ धोखा है।
मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण: 1.70 करोड़ पात्र महिलाओं को मिलता रहेगा लाभ
चौतरफा हमलों के बीच महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। सरकार का दावा है कि योजना को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ही ई-केवाईसी (e-KYC) और पैन-आधार लिंकेज जैसी गहन जांच प्रक्रियाएं चलाई गईं, जिसके बाद ही इन अपात्रों की पहचान संभव हो सकी है। मुख्यमंत्री ने राज्य की महिलाओं को आश्वस्त किया है कि यह लाडकी बहिन योजना निरंतर चलती रहेगी और वर्तमान में सभी सुरक्षा मानकों पर खरी उतरीं 1.70 करोड़ वास्तविक पात्र महिलाओं को हर महीने नियमानुसार लाभ मिलता रहेगा।
