

Mumbai Jayant Patil NDA Rumours: मुंबई महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में जोर-शोर से चल रही दोनों NCP के विलय की अटकलों सहित NCP शरदचंद्र पवार पार्टी के नेता जयंत पाटिल के महायुति में जाने और वित्त मंत्री बनने की अटकलों पर अब विराम लग गया है। खुद जयंत पाटिल ने एनडीए में शामिल होने की चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया है।
वहीं दूसरी ओर, राज्य की सत्तारूढ़ महायुति सरकार के मंत्री संजय शिरसाट ने भी बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि दोनों NCP के विलय का कोई सवाल ही नहीं उठता है। जयंत पाटिल ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में मीडिया उन्हें कई बार वित्त मंत्री पद की शपथ दिला चुका है।
उन्होंने साफ किया कि वे किसी भी प्रकार की रेस में नहीं हैं। उन्होंने न तो कोई मंत्रालय मांगा है और न ही सत्ता पक्ष से कोई अन्य मांग की है। एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर पाटिल ने कहा कि उन्हें एनडीए से कोई निमंत्रण नहीं मिला है।
इसलिए जब निमंत्रण ही नहीं है तो वहां जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने न तो कोई मंत्री पद मांगा है और न ही कोई अन्य मांग रखी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि सभी विधायक, सांसद और कार्यकर्ता शरद पवार के साथ मजबूती से खड़े हैं, इसलिए किसी भी अफवाह पर भरोसा करने की जरूरत नहीं है।
मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि इस मामले में कोई फैसला नहीं होगा और दोनों NCP एक साथ नहीं आएंगी। उनके अनुसार विलय के लिए जो शर्तें रखी गई हैं, वे दोनों पक्षों को मंजूर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दोनों गुट अलग-अलग तरीके से विलीन हो सकते हैं, लेकिन एक साथ मिलकर विलय नहीं होगा।
इससे पहले कयास लगा जा रहे थे कि NCP शरदचंद्र पवार पार्टी की ओर से एनडीए में शामिल होने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस बारे में पहले आई खबरों के अनुसार शरद पवार की NCP को एनडीए का हिस्सा बनने के लिए बीजेपी की ओर से एक बड़ी शर्त रखी गई थी।
शर्त के अनुसार, बड़े पवार को पहले अपनी पार्टी को महायुति में शामिल NCP (अजीत पवार) में पूरी तरह से विलय करना होगा।
शिरसाट और जयंत पाटिल के खुलासों के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों NCP का विलय नहीं होगा।
अर्थात दोनों NCP ने बीजेपी की मांग अस्वीकार कर दी है।