धारावी पुनर्विकास: 91 हजार झोपड़ियों का सर्वे पूरा; प्रत्येक झोपड़ी को मिली यूनिक ID, 10 लाख पुनर्वास का दावा

Mumbai Dharavi Redevelopment Survey: धारावी पुनर्विकास परियोजना में 91 हजार झोपड़ियों का सर्वे पूरा। पुनर्वास के लिए पात्रता सत्यापन जारी है, जबकि ऊपरी मंजिल के निवासियों को लेकर असमंजस बना हुआ है।
Dharavi Redevelopment: Survey of 91,000 huts completed; each hut assigned a unique ID; claim of rehabilitating 10 lakh people.
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Mumbai Dharavi Redevelopment Survey Progress: मुंबई धारावी पुनर्विकास परियोजना में सर्वेक्षण का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। अब तक 91 हजार झोपड़ियों का सर्वे और सवा लाख झोपड़ियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा चुका है। इनमें से अधिकांश का भौतिक मैपिंग पूरा कर प्रत्येक झोपड़ी को यूनीक आईडी प्रदान की गई है।

परियोजना के तहत करीब 10 लाख लोगों के पुनर्वास का दावा किया जा रहा है, लेकिन पात्रता के नियमों, खासकर ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले परिवारों के पुनर्वास को लेकर अब भी असमंजस बना हुआ है।

ऐसे में सर्वे के अंतिम आंकड़ों और पात्रता सत्यापन पर सभी की नजरें टिकी हैं। सरकारी निर्णय के अनुसार 15 नवंबर 2022 तक निवास करने वाले सभी झोपड़ीधारक पुनर्वास के लिए पात्र होंगे, लेकिन केवल ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले पात्र झोपड़ीधारकों को ही धारावी के भीतर आवास मिलेगा। पहली मंजिल और उससे ऊपर रहने वाले पात्र निवासियों का भी पुनर्वास किया जाएगा, लेकिन उन्हें धारावी के बाहर किराया-आधारित आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

सर्वेक्षण के बाद अंतिम आंकड़ा

सूत्रों का दावा है कि धारावी में सवा लाख झोपड़िया होने के बावजूद इस पुनर्विकास के तहत लगभग 10 लाख लोगों का पुनर्वास किया जाएगा, किराया-आधारित आवासों को निवासी बाद में खरीद भी सकेंगे, इसके लिए उन्हें 12 वर्षों के भीतर निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा,

पूरी राशि जमा होने के बाद मकान का स्वामित्व उनके नाम हस्तांतरित कर दिया जाएगा, इसके अलावा एकमुश्त भुगतान कर भी कानूनी स्वामित्व प्राप्त किया जा सकेगा।

इन आवासों का किराया और विक्री मूल्य राज्य सरकार तय करेगी। एक अधिकारी ने बताया कि धारावी के भीतर कितने लोगों को आवास मिलेगा, इसका अंतिम आंकड़ा सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

ऐसे तय की जाएगी पात्रता

पुनर्विकास के तहत ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले सभी पात्र निवासियों को धारावी के बाहर पुनर्वास मिलेगा, लेकिन इसके लिए उन्हें सरकारी नियमों के अनुसार अपनी पात्रता साबित करनी होगी। इसके तहत उनसे शपथपत्र भी लिया जाएगा और उसी आधार पर उनकी पात्रता तय की जाएगी।

ऊपरी मंजिल के निवासियों को अपने कब्जे का प्रमाण देने के लिए "बिजली बिल, पंजीकृत बिक्री या किरायानामा, आधार कार्ड, राशन कार्ड, मंजिल संख्या दर्शाने वाला पासपोर्ट अथवा भूतल के पात्र निवासी द्वारा प्रमाणित शपथपत्र जैसे दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। इनमें शपथपत्र भी स्वीकार्य दस्तावेजों में शामिल है। हालांकि अधिकांश ऊपरी मंजिल के निवासियों के पास अपने निवास का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

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