सोशल मीडिया का जाल, लाओस की गुलामी, मुंबई पुलिस ने फेसबुक अंतरराष्ट्रीय रैकेट का किया पर्दाफाश
Mumbai News: मुंबई पुलिस ने लड़कियों के नाम पर चल रहे अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट का खुलासा किया है। इसके जरिए युवाओं को लाओस में साइबर धोखाधड़ी के लिए भेजा जा रहा था।
- Written By: सोनाली चावरे
अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट (pic credit; social media)
Facebook International Racket: काशीमीरा पुलिस, क्राइम ब्रांच सेल-1 ने एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट का खुलासा किया है। यह रैकेट भारतीय युवाओं को “साइबर गुलामी” के लिए लाओस भेज रहा था। क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली कि मीरा-भाईंदर के कुछ एजेंट युवकों को थाईलैंड होते हुए लाओस भेज रहे हैं। वहां उन्हें ऑनलाइन कॉल सेंटर में अच्छी नौकरी का झांसा देकर काम पर लगाया जाता था।
मिली जानकारी के अनुसार, नयानगर के समीर शेख और आमिर खान, तथा काशीमीरा निवासी सागर गौतम मोहिते उर्फ़ एलेक्स क्रिस ने मिलकर इस्माइल इब्राहिम सैयद, नयानगर निवासी शाबान अली और गुजरात निवासी लकी अली को अवैध रूप से विदेश भेजने की योजना बनाई।
लाओस में युवाओं को चीनी नागरिक चाइसन के नेतृत्व में एक साइबर धोखाधड़ी कंपनी में काम करने के लिए मजबूर किया गया। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर लड़कियों के नाम से झांसा दिया गया और अच्छे वेतन वाली नौकरी का लालच देकर विदेश भेजा गया।
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पुलिस ने बताया कि यह रैकेट सिर्फ पैसा कमाने तक सीमित नहीं था। युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से भी नियंत्रित किया जाता था। कई युवाओं को अपने परिवार से संपर्क करने की भी अनुमति नहीं दी जाती थी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार आरोपी युवकों को भटकाने और धोखाधड़ी करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। क्राइम ब्रांच अब रैकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लड़कियों के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट करना और युवाओं को नौकरी का झांसा देना एक गंभीर साइबर अपराध है। इसे रोकने के लिए लोगों को सतर्क रहने और संदिग्ध संदेशों पर ध्यान न देने की सलाह दी जाती है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी को भी इस तरह के किसी रैकेट के बारे में जानकारी हो, तो तुरंत क्राइम ब्रांच को सूचित करें।
