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IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तारी नहीं होने पर छात्रों और विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया।
रविवार को पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 22 छात्रों को दो बार हिरासत में लिया।
छात्र संगठनों ने पुलिस पर मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Sahil Wakode Justice Protest Mumbai: आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की संदिग्ध मौत को एक महीना पूरा हो गया है, लेकिन अब तक इस मामले में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी बात से आक्रोशित छात्रों और विभिन्न संगठनों ने रविवार को आईआईटी बॉम्बे के गेट के बाहर और कैंपस के अंदर जोरदार प्रदर्शन किया। घटना के बाद से ही कुछ छात्र कैंपस के अंदर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हुए हैं।
रविवार को पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 22 छात्रों को दो बार हिरासत में लिया। छात्र संगठनों का गंभीर आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अत्यधिक बर्बरता दिखाई। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने कई छात्रों के साथ मारपीट की और गला दबाने जैसी हरकतें भी कीं। इस कार्रवाई में कई छात्र जख्मी हो गए हैं, जबकि एक छात्रा के कपड़े फटने की भी बात सामने आई है।
साहिल के माता-पिता रविवार को न्याय की गुहार लगाने कैंपस पहुंचे थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर बाद में आजाद मैदान भेज दिया। साहिल के लिए न्याय की मांग को लेकर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भी उनके माता-पिता से मुलाकात की। वर्तमान में साहिल के माता-पिता आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जबकि आईआईटी बॉम्बे के कैंपस में भी छात्रों का एक अन्य समूह क्रमिक अनशन कर रहा है।
इस बीच, पवई एनआईटीआईई यूनिट और डीवाईएफआई ने मांग की है कि हिरासत में लिए गए सभी साथियों को तुरंत और बिना शर्त रिहा किया जाए। खबर लिखे जाने तक डिटेन किए गए लगभग सभी छात्रों को छोड़ दिया गया था। संगठनों ने पुलिस की इस दमनात्मक कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुईं, तो वे मुंबई पुलिस के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे। एक महीना बीतने के बाद भी न्याय न मिलने से छात्रों का गुस्सा लगातार उफान पर है और अब सबकी नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।