

साहिल के माता-पिता गिरफ्तारी की मांग पर भूख हड़ताल पर।
पुलिस ने 50 लोगों से पूछताछ की, डिजिटल सबूत फॉरेंसिक जांच में।
IIT बॉम्बे 30 काउंसलर नियुक्त करेगा।
IIT Bombay Sahil Wakode Suicide Case: आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की कथित आत्महत्या को एक महीना पूरा होने वाला है। 18 सितंबर को साहिल आईआईटी कैंपस में मौजूद हॉस्टल के अपने कमरे में मृत पाए गए थे। उसके बाद उनके माता-पिता ने संस्थान के प्रोफेसर सूर्यनारायण डुला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
साहिल के पिता रवींद्र ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने संस्थान में बार-बार जातिगत भेदभाव का सामना करने की बात बताई थी। वो लगातार बेटे की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। 24 सितंबर से साहिल के माता-पिता मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
साहिल के माता-पिता की सेहत लगातार बिगड़ रही वाकोडे परिवार का कहना है कि मामले को एक महीना पूरा होने वाला है, लेकिन अब तक ना ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और ना ही सरकार की तरफ से हमारी मदद को कोई सामने आया है। वाकोड़े परिवार का कहना है कि पुलिस की जांच पर उन्हें पूरा भरोसा है।
लेकिन उनका आरोप है कि मामले में अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है जिससे जांच पर असर पड़ सकता है, ऐसे में परिवार कि मांग है कि मामले में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए। अनशन स्थल पर वाकोड़े परिवार के समर्थन में बैठे एक सदस्य ने नवभारत से बताया कि आजाद मैदान में परिवार के स्वास्थ चेकअप की कोई व्यवस्था नहीं है, साहिल की मां को शुगर है, ऐसे में लंबे समय तक भूख हड़ताल परिवार के लिए घातक साबित हो सकती है।
मामले में अब तक मुंबई पुलिस 50 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जिसमे साहिल के साथ परीक्षा हल में बैठे छात्रों समेत साहिल के माता-पिता और संस्थान के प्रोफेसरों के अलावा आरोपी प्रोफेसर डुला से भी पूछताछ हो चुकी है।
मामले से जुड़े डिजिटल एविडेंस को कालीना स्थित फोरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि लैब के नतीजे आने के बाद आगे की जांच में अहम सबूत मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ संस्थान ने मामले की आंतरिक जांच के लिए 10 सदस्यीय कमेटी गठित की है जिसका छात्र संगठन ने विरोध किया है।
आमची लड़ाई कैंपेन के संयोजक तेजस अनूप ने बताया उनका एक डेलिगेशन जल्द ही आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे से मिलकर साहिल वाकोड़े के कथित सुसाइड मामले को लेकर संस्थान की तरफ से स्पष्टता और मामले की निष्पक्ष जांच के बारे एक पत्र सौपने वाले हैं। पत्र के माध्यम से वो अपनी मांग भी निदेशक के सामने रखेंगे।
द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोड़े की मौत और उसके बाद हुए प्रदर्शनों के बाद आईआईटी-बॉम्बे ने छात्रों की मानसिक सेहत पर ध्यान देने के लिए करीब 30 काउंसलर रखने का फैसला किया है। इनमें 26 काउंसलर और 4 सीनियर काउंसलर होंगे।