

Powai Police Mumbai Crime Branch: मुंबई पुलिस ने बुधवार को कहा कि आईआईटी बॉम्बे के छात्र की आत्महत्या के मामले की जांच "निष्पक्ष" तरीके से की जा रही है और इसमें सभी संभावित पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। साथ ही, पुलिस ने लोगों से इस घटना के बारे में गलत जानकारी न फैलाने की अपील भी की।
अधिकारियों ने कहा, "आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे (20) की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के बाद पवई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। बाद में इस मामले को मुंबई अपराध शाखा को सौंप दिया गया है।
मामले की जांच का जिम्मा एसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपा गया है और अपराध शाखा के डीसीपी डिटेक्शन-I द्वारा इसकी बारीकी से निगरानी की जा रही है। जांच पूरी लगन और निष्पक्षता से की जा रही है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने कहा, "मुंबई पुलिस लोगों और आम जनता से अपील करती है कि वे अटकलें लगाने, गलत जानकारी फैलाने या जल्दबाजी में किसी नतीजे पर पहुंचने से बचें।
मीडिया से अनुरोध है कि वे केवल आधिकारिक चैनल से दी गई जानकारी का ही पालन करें। मुंबई पुलिस निष्पक्ष और गहन जांच के लिए प्रतिबद्ध है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।"
मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने कहा कि इस मामले से जुड़े कई लोगों का बयान दर्ज किया और कुछ लोगों को समन कर पूछताछ के लिए बुलाया है। अब तक साहिल का आईफोन को अनलॉक नहीं किया जा सका है।
क्राइम ब्रांच टेक्निकल सहायता लेकर साहिल के आईफोन का लॉक खोलने की कोशिश में है। आईफोन खुलने के बाद ही चैटजीपीटी के आरोप पर साफ तौर पर कुछ पता चलेगा। आज भी क्राइम ब्रांच कुछ विद्यार्थियों के बयान दर्ज करेगी।
सूत्रों ने बुधवार को बताया कि साहिल की मौत मामले में नाम सामने आने के बाद आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला छुट्टी पर भेज दिया गया है। छात्र वाकोडे की मौत के बाद डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और जाति-आधारित भेदभाव जैसे आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।
एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे साल के छात्र वाकोडे 18 सितंबर की शाम को पवई कैंपस में अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके पाए गए थे। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई थी।
डूला, जो उसी विभाग में पढ़ाते हैं और परीक्षा के दौरान इनविजिलेटर (निरीक्षक) के तौर पर काम कर रहे थे, उन्होंने तय नियमों के अनुसार मोबाइल फोन के कथित इस्तेमाल की जानकारी संस्थान के अधिकारियों को दी थी।
शुरुआती रिपोर्टों से पता चला था कि वाकोडे ने परीक्षा का प्रश्न-पत्र एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। हालांकि, बाद में संस्थान ने घटना के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया और कहा कि मामले की जांच चल रही है।
-एजेंसी इनपुट से