हुसैन दलवई (सोर्स: सोशल मीडियसा)
Hussain Dalwai On Jinnah Syllabus: महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवई ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की एक मांग का खुला समर्थन कर दिया। मामला जम्मू यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस विभाग के नए सिलेबस से जुड़ा है, जिसमें पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना से संबंधित लेख शामिल किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है।
मुंबई में मीडिया से बात करते हुए हुसैन दलवई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन्ना ने इस देश के दो टुकड़े किए हैं। दलवई ने कहा कि अगर सिलेबस में जिन्ना की तारीफ करने वाला कोई भी लेख है, तो उसे तुरंत हटा दिया जाना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि एबीवीपी की मांग कहीं से भी गलत है। गौरतलब है कि ABVP इस मुद्दे को लेकर यूनिवर्सिटी कैंपस में जोरदार प्रदर्शन कर रही है।
अपनी ही पार्टी के सांसद शशि थरूर पर हमला बोलते हुए दलवई ने काफी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। थरूर के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस थरूर को दरकिनार नहीं कर रही, बल्कि थरूर खुद किनारे हो रहे हैं। दलवई ने आरोप लगाया, “थरूर आजकल भाजपा में जाने का रास्ता तलाश रहे हैं। वे प्रधानमंत्री मोदी के खास सहयोगी बनने के लिए काफी इल्तिजा (प्रार्थना) कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सही स्टैंड लिया है कि अब थरूर पर ध्यान नहीं देना है।
भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए दलवई ने कहा कि राहुल गांधी कभी महिलाओं के सम्मान को ठेस नहीं पहुंचा सकते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब कंगना सिनेमा में काम करती हैं तब उन्हें डर नहीं लगता, लेकिन राहुल पर बयान देना उन्हें शोभा नहीं देता।”
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वहीं, तेलंगाना के विधायक टी राजा के विवादित बयानों पर दलवई ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र शांतिप्रिय राज्य है और हिंदू-मुस्लिम के बीच दरार पैदा करने वाले नेताओं को यहां आने की अनुमति ही नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से टी राजा के खिलाफ की गई अब तक की कार्रवाई को सार्वजनिक करने की मांग की।