महाराष्ट्र में CT स्कैन और MRI जांच हुई सस्ती, PPP मॉडल लागू, पात्र मरीजों को मुफ्त सुविधा मिलेगी

Mumbai CT Scan Rates: महाराष्ट्र के 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीपीपी मॉडल के तहत सीटी स्कैन, एमआरआई और पेट-सीटी जांच रियायती दरों पर होगी। पात्र मरीजों को योजना के तहत मुफ्त सेवा मिलेगी।
Maharashtra govt approves PPP model for CT scan, MRI & PET-CT tests across 20 state-run medical colleges, offering up to 35% discount and free tests for eligible patients.
सरकारी अस्पतालों (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Maharashtra Government Hospitals CT Scan Rates: महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन, एमआरआई और पेट-सीटी जैसी अत्याधुनिक जांच सेवाओं के लिए नया पीपीपी मॉडल लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में निजी कंपनियों के माध्यम से जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार ने इन सेवाओं के लिए नई शुल्क दरों को भी मंजूरी दे दी है।

दावा किया गया है कि पीपीपी मॉडल के जरिए आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार होगा और मरीजों को रियायती दरों पर सेवाएं मिलने से महंगी जांचों पर लगाम लगेगी। नई व्यवस्था के तहत मुंबई और नागपुर क्लस्टर में चयनित निजी सेवा प्रदाता सीटी स्कैन, एमआरआई और पेट-सीटी जांच केंद्रों का संचालन करेंगे।

सरकार ने चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान संचालनालय के अधीन 20 संस्थानों को मुंबई और नागपुर, दो क्लस्टरों में विभाजित किया है। नागपुर क्लस्टर के 9 संस्थानों में मेसर्स हेल्थमैप डाइग्नोस्टिक और मुंबई क्लस्टर के 11 संस्थानों में मेसर्स स्पेनडन डाइग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध कराएंगी।

नागपुर में सीजीएचएस पुणे दरों पर 18.49 प्रतिशत और मुंबई में 35 प्रतिशत तक रियायत देने का दावा किया गया है। मंगलवार को जारी शासनादेश के अनुसार जिन अस्पतालों में पीपीपी सेवाएं अभी शुरू नहीं हुई हैं, वहां वर्ष 2017 में निर्धारित शुल्क दरें लागू रहेंगी। वहीं पीपीपी सेवा शुरू होने के बाद हर दो वर्ष में अधिकतम 5 प्रतिशत तक यूजर चार्ज बढ़ाने की अनुमति होगी।

जुलाई 2017 के शासनादेश के तहत पात्र मरीजों को सुविधाएं

राज्य निधि से खरीदी गई सिटी स्कैन, एमआरआई और पेट सिटी मशीनों पर भी पीपीपी के तहत निर्धारित रियायती दरें लागू होंगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चार जुलाई 2017 के शासनादेश के तहत पात्र मरीजों को जांच सेवाएं पूरी तरह निशुल्क मिलेंगी। इन मरीजों का भुगतान संबंधित अस्पताल या महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के माध्यम से सेवा प्रदाता को किया जाएगा।

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