Mumbai Rains Advisory And Alert Update: मुंबई में लगातार हो रही रौद्र रुपी बारिश ने सोमवार को मुंबई को पानी-पानी कर दिया। बरसात से शहर और उपनगरों में व्यापक जलभराव से कई सड़कें ठप हो गईं। साथ ही निचले इलाकों में जलभराव होने की घटनाएं सामने आई। अंधेरी का मिलन सबवे पूरी तरह पानी में डूब जाने से उसे यातायात के लिए बंद करना पड़ा। दूसरी ओर मुंबई में 291 स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं।
हालात को देखते हुए मनपा प्रशासन ने मंगलवार को भी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के रेड अलर्ट और अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी के बीच सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुंबई में लगातार हो रही बारिश का असर सोमवार को भी जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। वीरा देसाई रोड, अंधेरी, जोगेश्वरी, मालाड, गोरेगांव, कांदिवली, बोरीवली, दहिसर, विक्रोली, चेंबूर और भांडुप सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ।
हिंदमाता, किंग्स सर्कल, कुर्ला, सायन और अंधेरी सबवे जैसे निचले क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा। एहतियातन स्कूल बंद रहने से सड़कों पर भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। बीएमसी के अनुसार दिनभर में 291 स्थानों पर पेड़ गिरने, शॉर्ट सर्किट तथा दीवार और मकानों के हिस्से गिरने की घटनाएं दर्ज हुईं, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
शाम 5.30 बजे तक कुलाबा में 39.2 मिमी और सांताक्रूज में 69.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पिछले 24 घंटों में क्रमशः 128 मिमी और 159.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई, बीएमसी के स्वचालित वर्षांमापक केंद्रों के अनुसार शहर में 28.2 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 61।75 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 65.45 मिमी बारिश हुई।
लगातार बारिश के बीच बीएमसी का पूरा अमला चौबीसों घंटे राहत कार्य में जुटा है। आयुक्त अश्विनी भिडे ने अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए जलभराव की त्वरित निकासी, पंपों के सुचारु संचालन, सड़कों की सफाई, पेड़ों की छंटाई और आपात राहत कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ सतर्क रहने को कहा। साथ ही कर्मचारियों को लेप्टोस्पायरोसिस से बचाव के लिए डॉक्सीसाइक्लिन 200 मिग्रा लेने की सलाह दी गई है।
मुंबई बीएमसी की अतिरिक्त आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे मलबार हिल, कालाचौकी, माहिम, महेश्वरी उद्यान, रवींद्र नाट्य मंदिर, हिंदमाता सहित कई संवेदनशील इलाकों का दौरा कर हालात और बीएमसी की तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलभराव, जलनिकासी व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया और नागरिक सेवाओं का जायजा लिया। जहां पेड़ या उनकी शाखाएं गिरी थीं, वहां तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलभराव, पेड़ गिरने और अन्य आपात स्थितियों का तुरंत समाधान किया जाए।
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उपसभापति सचिन अहीर, उपमहापौर संजय घाडी, सभागृह नेता गणेश खणकर और गटनेता अमेय घोले ने बीएमसी के आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष का दौरा कर बारिश की स्थिति और आपात तैयारियों की मुआयना किया। इस बीच महापौर रितु तावड़े ने भी कंट्रोल रूम का दौरा कर बारिश की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। वहीं दूसरी ओर नालासोपारा रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गई, सोमवार को बारिश ने मुंबई-नालासोपारा में हाहाकार मचा दिया।
तेज बारिश और 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के बीच बीएमसी ने सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। स्कैफोल्डिंग, क्रेन, निर्माण लिफ्ट और अन्य अस्थायी ढांचों की जांच, ढीली सामग्री को सुरक्षित करने, ऊंचाई पर काम और लिफ्टिंग ऑपरेशन रोकने तथा सभी श्रमिकों के लिए पीपीई और फॉल प्रोटेक्शन का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
पिछले 48 घंटों में मुंबई शहर में 300 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 380 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 345 मिमी बारिश दर्ज की गई। बीएमसी ने जलभराव और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष टीमें, अतिरिक्त कर्मचारियों को चौबीसों घंटे तैनात किया है। बारिश और तेज हवाओं के कारण मुंबई में 400 पेड़ और 600 शाखाएं गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। आईएमडी की चेतावनी को देखते हुए बीएमसी ने मंगलवार को अपने अधिकार क्षेत्र के सभी उद्यान पूरे दिन बंद रखने का निर्णय लिया है।