बेटे को खोने वाले पिता ने लगायी न्याय की गुहार, मनसे और कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
हाल ही में मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्विमिंग पुल में डूबकर 11 साल के बच्चे की मौत हो गई। जिसके बाद मनपा ने बच्चे के माता-पिता को 5 लाख की सहायता राशि देने का फैसला लिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
मीरा-भाईंदर महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के गोपीनाथ मुंडे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में तैराकी के दौरान डूबकर मृत हुए 11 वर्षीय ग्रंथ मुथा के पिता हसमुख मुधा ने मनपा द्वारा घोषित 5 लाख रुपये की सहायता राशि लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हादसा नहीं बल्कि भ्रष्ट और लापरवाह व्यवस्था की वजह से हुई हत्या है।
बता दें कि 20 अप्रैल को भाईंदर (पूर्व) स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के स्विमिंग पूल में ग्रंथ मुथा की खूबकर मौत हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि घटनास्थल पर न तो कोई लाइफगार्ड मौजूद था और न ही पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे। फ्लोटर फुटेज में यह भी दिखा कि ग्रंथ ने 11 बार खुद को बचाने की कोशिश की लेकिन समय पर मदद नहीं मिलने से उसकी जान चली गई।
मनसे और कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हसमुख मुक्षा ने मनसे के सचिन पोपले, अभिनंदन चव्हाण, कांग्रेस के दीपक बागड रिश्तेदारों और समर्थकों के साथ मिलकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मनपा ने ठेका साहम चैरिटेबल ट्रस्ट को दिया था, लेकिन वित्तीय लेन-दे नीरज शर्मा और प्रणित अग्रवाल की कंपनियों के जरिए किया गया। करिणिचरण सिंह और मधुसूद पुरोहित पर भी ठेकेदार से मासिक भुगतान लेने के आरोप लगाए गए।
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जारी रहेगी न्याय के लिए लड़ाई
मुधा ने कहा कि उन्हें अधिक मदद नहीं बल्कि न्याय पाहिए, उनका उद्देश्य है कि भविष्य में किसी और बच्चे की ऐसी लापरवाही का शिकार न होना पड़े। उन्होंने घोषण की कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वे न्याय पाने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
