Baramati: बारामती से आकाश मोरे का नामांकन वापस ले लेगी कांग्रेस, बीजेपी के सामने राखी बड़ी शर्त

Baramati Bypoll Congress Condition: अजित पवार विमान हादसे की FIR दर्ज होने पर ही नाम वापस लेगी कांग्रेस। आकाश मोरे के नामांकन पर अतुल लोंढे का बड़ा बयान।
Sunetra Pawar Ajit Pawar
Sunetra Pawar Ajit Pawar (डिजाइन फोटो)
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Sunetra Pawar Baramati Election 2026: महाराष्ट्र की सियासत का केंद्र माने जाने वाले बारामती विधानसभा उपचुनाव में एक नया और नाटकीय मोड़ आ गया है। जहाँ एक तरफ महायुति और शरद पवार गुट इस चुनाव को 'निर्विरोध' कराने की कोशिशों में जुटे थे, वहीं कांग्रेस ने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के बदले एक कड़ी शर्त रख दी है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अतुल लोंढे ने स्पष्ट किया है कि यदि पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाती है, तभी पार्टी अपने उम्मीदवार आकाश मोरे का नाम वापस लेने पर विचार करेगी।

बता दें कि 28 जनवरी 2026 को एक दुखद विमान हादसे में बारामती के आठ बार के विधायक अजित पवार का निधन हो गया था। उनके निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार चुनावी मैदान में हैं। रविवार को कांग्रेस द्वारा अपने प्रदेश सचिव आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाए जाने से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई थी। अब कांग्रेस ने इस चुनाव को अजित पवार की मौत की गुत्थी सुलझाने के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

मौत की परिस्थितियों पर उठाए सवाल

अतुल लोंढे ने अजित पवार की मौत से जुड़ी परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि खुद अजित पवार के परिवार और सुनेत्रा पवार ने इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज कराने की कई कोशिशें कीं, लेकिन उन्हें सफलता केवल कर्नाटक में मिली। कांग्रेस अब दबाव बना रही है कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में तुरंत कदम उठाए और महाराष्ट्र में भी औपचारिक जांच शुरू करे।

बीजेपी के 'सुविधाजनक' स्टैंड पर प्रहार

कांग्रेस ने भाजपा के उस तर्क को भी सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें 'दिवंगत नेता के सम्मान में निर्विरोध चुनाव' की परंपरा की बात कही जा रही थी। लोंढे ने नांदेड़ (वसंतराव चव्हाण के निधन के बाद) और पंढरपुर-मंगलवेढा (भारत भालके के निधन के बाद) के उपचुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने वहां अपने उम्मीदवार उतारे थे। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी पर 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी केवल अपने राजनीतिक हितों के अनुसार 'परंपराओं' की बात करती है।

आकाश मोरे का नामांकन और भविष्य की रणनीति

फिलहाल, आकाश मोरे बारामती से कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार बने हुए हैं। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए नामांकन वापसी की समय सीमा नजदीक आ रही है। यदि सरकार कांग्रेस की 'जांच और एफआईआर' वाली मांग को अनसुना करती है, तो बारामती में एक कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला तय है। कांग्रेस का यह दांव न केवल बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को बैकफुट पर ला रहा है, बल्कि अजित पवार के समर्थकों के बीच भी जांच की मांग को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

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