उद्धव और आदित्य ठाकरे पर FIR दर्ज करो! आखिर गुणरत्न सदावर्ते ने क्यों दी पुलिस कमिश्नर को सीधी चेतावनी?
Gunaratna Sadavarte Statement: शिवाजी पार्क में प्रदर्शन को लेकर एडवोकेट गुणरत्न सदावर्ते ने उद्धव और आदित्य ठाकरे पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। मुंबई पुलिस कमिश्नर को दी चेतावनी।
- Written By: गोरक्ष पोफली
गुणरत्न सदावर्ते और उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gunaratna Sadavarte Demands FIR Against Uddhav Thackeray: मुंबई की राजनीति में एक बार फिर से गर्माहट आ गई है और इस बार निशाने पर हैं शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके विधायक बेटे आदित्य ठाकरे। महाराष्ट्र के जाने-माने और अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले वकील अॅड. गुणरत्न सदावर्ते ने इन दोनों नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करने की जोरदार मांग उठाकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
यह पूरा विवाद दादर के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में हो रहे एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। दरअसल, नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और विपक्षी दलों में भारी आक्रोश है। इसी कड़ी में, सोनम वांगचुक द्वारा शुरू किए गए आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को ठाकरे गुट ने अपना समर्थन दिया है। इसके लिए रविवार, 19 जुलाई 2026 को शिवाजी पार्क इलाके में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।
सदावर्ते के आरोप: कानून से ऊपर कोई नहीं
गुणरत्न सदावर्ते ने इस आंदोलन को पूरी तरह से गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि उद्धव और आदित्य ठाकरे पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। उनके इस कड़े रुख के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं।
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साइलेंस जोन का उल्लंघन
सदावर्ते का तर्क है कि शिवाजी पार्क एक रेसिडेंशियल साइलेंस जोन है। यहां राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलन करना और शोर-शराबा करना स्थानीय निवासियों की शांति भंग करने जैसा है, जो कि अवैध है। उन्होंने दावा किया कि शिवाजी पार्क पुलिस ने इस आंदोलन के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी थी। सदावर्ते के अनुसार, मुंबई में किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए केवल आजाद मैदान ही निर्धारित स्थान है। बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र में आंदोलन करना कानून का उल्लंघन है।
सदावर्ते ने ठाकरे गुट से तीखा सवाल पूछा कि क्या उनके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पेपर लीक मामले में व्यक्तिगत रूप से दोषी हैं? उन्होंने कहा कि बिना सबूत के किसी के इस्तीफे की मांग करना और उसके लिए अवैध प्रदर्शन करना गलत है।
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मैदान पर तनाव और पुलिस की कार्रवाई
आंदोलन के दौरान शिवाजी पार्क में स्थिति काफी तनावपूर्ण देखी गई। प्रदर्शन स्थल पर मंच और स्टेज बढ़ाने को लेकर शिवसैनिकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। गुणरत्न सदावर्ते का कहना है कि ठाकरे परिवार पहले भी कई बार इस तरह के अवैध आंदोलन कर चुका है, इसलिए अब पुलिस कमिश्नर को बिना देरी किए उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करने का अधिकार सबको है, लेकिन वह संविधान की चौखट के भीतर होना चाहिए। अब देखना यह होगा कि सदावर्ते की इस मांग पर मुंबई पुलिस क्या रुख अपनाती है और ठाकरे गुट इस कानूनी चुनौती का क्या जवाब देता है।
