

Mumbai GRP Police Corruption Action: मुंबई रेलवे पुलिस (GRP) ने भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और तस्करी से जुड़े गंभीर आरोपों के मामले में अपने चार कांस्टेबलों को निलंबित किया है।
रेलवे पुलिस प्रशासन ने यह कार्रवाई विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की है।
पहला मामला बोरीवली जीआरपी स्टेशन से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल लॉरेंस नवघरे और राकेश सोनावाने पर एक यात्री से कथित तौर पर ₹24 लाख रिश्वत लेने का आरोप है। बताया गया है कि यात्री के सामान में ड्रग्स होने का संदेह था और आरोप है कि दोनों कांस्टेबलों ने रकम लेकर उसे छोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों कर्मियों ने इस कार्रवाई की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। आरोप है कि यात्री को ऐसे पुस्तकालय कक्ष में ले जाया गया, जहां सीसीटीवी निगरानी उपलब्ध नहीं थी।
मुंबई शहर जीआरपी आयुक्त की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यात्रियों की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए। इसमें वरिष्ठ निरीक्षक की मौजूदगी, सीसीटीवी निगरानी और जांच की जानकारी रजिस्टर में दर्ज करना शामिल है।
आरोप है कि बोरीवली मामले में इन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। इसी के आधार पर दोनों कांस्टेबलों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।
दूसरी कार्रवाई प्रतिबंधित गुटखा की कथित तस्करी से जुड़ी है। बोरीवली जीआरपी के कांस्टेबल अनिल गुजर और वसई जीआरपी के कांस्टेबल तुषार ठाकुर को प्रतिबंधित गुटखा की खेप पहुंचाने के आरोप में निलंबित किया गया है।
जीआरपी प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद संबंधित मामलों की जांच की जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इन घटनाओं में अन्य कर्मचारी या लोग भी शामिल थे या नहीं। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।