Mumbai: 24 नवंबर को शिक्षा व्यवस्था ठप? टीईटी विरोध में शिक्षक करेंगे हड़ताल

Teachers Strike: टीईटी अनिवार्य करने के फैसले के विरोध में महाराष्ट्र के शिक्षक 24 नवंबर को राज्यभर में स्कूल बंद कर आंदोलन करेंगे। अनुभवी शिक्षकों की नौकरी पर मंडराते खतरे को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
TET Exam
टीईटी टीचर (सौ. सोशल मीडिया )
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Teachers Strike In Maharashtra: शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी अनिवार्य कर दी गई है। शिक्षक संघों ने चेतावनी दी है कि इस अनिवार्य टीईटी के खिलाफ 24 नवंबर को राज्य भर के स्कूल बंद रहेंगे।

इस फैसले से राज्य के हजारों छात्र प्रभावित होंगे। विभिन्न शिक्षक संघों की संयुक्त पहल पर हाल ही में राज्य भर के शिक्षकों के जालंत मुद्दों पर रावसाहेब पटवर्धन विद्यालय एवं जूनियर कॉलेज में एक विचार-विमर्श बैठक आयोजित की गई।

राज्य सरकार को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य बनाने के सर्वोच्च न्यायालय के 1 सितंबर के फैसले के खिलाफ तुरंत पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए और इस संबंध में केंद्र सरकार से संपर्क करना चाहिए, दो सप्ताह के भीतर इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इसके बाद 24 नवंबर को राज्य भर के शिक्षक स्कूल बंद करने के विरोध में प्रदर्शन करेंगे। महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ और महाराष्ट्र राज्य नगर निगम एवं नगर प्राथमिक शिक्षक संघ ने ऐसी चेतावनी दी।

सरकार के इस फैसले से शिक्षकों में असंतोष

संघ ने घोषणा की कि अगर विरोध के बाद भी पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की गई, तो वह सीधे सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को तोड़-मरोड़ कर पेश करके शिक्षकों को निशाना बनाया जा रहा है। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के इस फैसले से शिक्षकों में भारी असंतोष है और गलत संदर्भ देकर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शिक्षकों को निशाना बनाने की घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की अपेक्षा की जाती है, और कई अनुभवी शिक्षकों को टीईटी के कारण नौकरी का खतरा मंडरा रहा है।

सरकार को करना चाहिए हस्तक्षेपः शिक्षक समिति

इस संदर्भ में राज्य सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना बाहिए, अन्यया शिक्षक समिति ने चेतावनी दी है कि 24 नवंबर को शिक्षक सड़कों पर उतरेंगे और राज्य भर में स्कूल बंद कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 'टीईटी' के अनिवार्य निर्णय को लागू करते समय, अनुभवी शिक्षकों को सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए, उनकी सेवाओं और सुविधाओं पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए अन्यथा शिक्षा क्षेत्र में भारी असंतोष होगा, प्राथमिक शिक्षक समिति के सतीश कोली ने कहा कि शिक्षक संधी ने इस संबंध में गभीर कदम उठाने की अपील की है।

तो सुप्रीम कोर्ट में दायर की जाएगी याचिका

अगर आंदोलन के बाद भी पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की गई, तो संगठन ने घोषणा की है कि वह सीधे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तोड़-मरोड़कर पेश करके शिक्षकों को निशाना बनाया जा रहा है। राज्य सरकार के इस फैसले से शिक्षकों में भारी असंतोष व्याप्त है।

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