Goregaon-Borivali Harbour Line Project: 86 करोड़ के टेंडर से बढ़ी रफ्तार, लाखों यात्रियों को मिलेगी राहत

Goregaon-Borivali Harbour Line Project ने नया पड़ाव पार कर लिया है। पश्चिम रेलवे ने 86.51 करोड़ रुपये के सिविल कार्यों का टेंडर जारी किया है, जिससे लाखों यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।
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गोरेगांव बोरीवली हार्बर लाइन परियोजना (सौ. सोशल मीडिया )
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Goregaon-Borivali Harbour Line Project News: मुंबई के पश्चिम उपनगर की रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली गोरेगांव-बोरीवली हार्बर लाइन विस्तार परियोजना ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। करीब 898 करोड़ रुपए की इस परियोजना को आगे बढ़ाते हुए पश्चिम रेलवे ने 86।51 करोड़ रुपए के सिविल कार्यों का टेंडर जारी किया है।

परियोजना पूरी होने के बाद पश्चिम और हार्बर कॉरिडोर के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा, जिससे लाखों दैनिक यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा मार्ग मिलेगा और पश्चिम रेलवे की भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी।

हालांकि, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और लंबित मंजूरियां अब भी परियोजना के सामने बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। वर्षों से लंबित गोरेगांव-बोरीवली हार्बर रेल कनेक्टिविटी परियोजना के तहत पश्चिम रेलवे ने 86.51 करोड़ रुपए के महत्वपूर्ण सिविल कार्यों के लिए टेंडर जारी किया है।

बढ़ता दबाव लाखों यात्रियों को मिलेगी राहत

मुंबई शहरी परिवहन परियोजना-उए के अंतर्गत प्रस्तावित इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 898 करोड़ रुपए है। इसके पूरा होने पर पश्चिम रेलवे और हार्बर लाइन के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे लाखों यात्रियों को राहत मिलने के साथ साथ पश्चिम रेलवे कॉरिडोर पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। पश्चिम रेलवे द्वारा 27 मई को जारी इस निविदा में मिट्टी भराई, बड़े और छोटे पुलों का निर्माण, साइड ड्रेनेज, रिटेनिंग स्ट्रक्चर और बाउंड्री वॉल जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह टेंडर परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

उत्तर-दक्षिण व पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती

परियोजना की कुल लागत लगभग 898 करोड़ रुपए आकी गई है। इसमें सिविल इंजीनियरिंग कार्यों के लिए 728 करोड़ रुपए, विद्युत अवसंरचना के लिए 88 करोड़ रुपए और सिग्नलिंग व दूरसंचार व्यवस्था के लिए 82 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

गोरेगांव और बोरीवली को हार्बर लाइन से जोड़ने वाली यह परियोजना यात्रियों को एक वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध कराएगी, इससे पश्चिम रेलवे की अत्यधिक भीड़भाड़ कम होगी और मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क में उत्तर-दक्षिण व पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

पुलों और अन्य संरचनाओं का भी निर्माण

परियोजना के तहत दो बड़े और 16 छोटे पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। रेलवे दस्तावेजों के अनुसार कई पुलों की डिजाइन तैयार की जा रही है, जबकि चार महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग योजनाएं अभी मंजूरी की प्रतीक्षा में हैं। इन मंजूरियों के बाद निर्माण कार्य को और गति मिलने की उम्मीद है।

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