गोराई मैंग्रोव पार्क जल्द होगा जनता के लिए खुला, अटल बिहारी वाजपेयी का दिया जाएगा नाम
Gorai Mangrove Park Name Change News: गोराई में तैयार भारत के पहले मैंग्रोव पार्क का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जाएगा। पार्क इसी महीने आम लोगों के लिए खोला जा सकता है।
- Written By: अपूर्वा नायक
गोराई मैंग्रोव पार्क मुंबई (सौ. सोशल मीडिया )
Gorai Mangrove Park Name Change: गोराई में निर्मित भारत का पहला मैंग्रोव पार्क का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जाएगा। यह पार्क लगभग एक वर्ष से उद्घाटन की प्रतीक्षा कर रहा है। इसी महीने इसका उद्घाटन किया जाएगा, ऐसी संभावना जताई जा रही है।
यह कदम सत्तारूढ़ बीजेपी की उस योजना के अनुरूप है, जिसके तहत इस वर्ष हुए नगर निकाय चुनावों में जीत के बाद सार्वजनिक संस्थानों और स्थलों का नाम वरिष्ठ नेताओं के नाम पर रखा जा रहा है।
बीएमसी की भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने पहले माधव सदाशिव गोलवलकर के नाम पर एक सार्वजनिक उद्यान और जॉर्ज फर्नाडिस के नाम पर एक ट्रैफिक जंक्शन का नामकरण करने का प्रस्ताव दिया था। फर्नाडिस एक समाजवादी ट्रेड यूनियन नेता थे, जिन्होंने 1998 से 2004 तक वाजपेयी सरकार में रक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया था।
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विधायक संजय उपाध्याय ने दिया प्रस्ताव
भाजपा के वरिष्ठ नेता और बोरीवली से विधायक संजय उपाध्याय ने गोराई मैंग्रोव पार्क का नाम वाजपेयी के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा कि मैंने राज्य सरकार को यह प्रस्ताव भेजा था, जिसके बाद पार्क का निर्माण कर रही मैग्रोव सेल ने इसे मंजूरी दे दी।
आगामी मैग्रोव पार्क से करीब 3.7 किमी दूर स्थित ‘अटल स्मृति उद्यान’ भी पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर है। यह स्थान पहले कचरा डंपिंग ग्राउंड था, जिसे 2020 में बीएमसी ने पार्क में परिवर्तित किया था। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मैग्रोव पार्क इसी महीने जनता के लिए खोल दिया जाएगा, यह पार्क मूल रूप से 2023 में खुलने वाला था।
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750 मीटर लंबा लकड़ी का बोर्डवॉक
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में फिनिशिंग, पेंटिंग, लाइटिंग और अन्य अंतिम कार्य जारी हैं। गोराई गांव में आठ हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस पार्क में मैंग्रोव और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र की जैव विविधता को समझाने के लिए कई आकर्षण विकसित किए गए हैं।
पार्क की सबसे खास विशेषता 750 मीटर लंबा लकड़ी का बोर्डवॉक है, जो मैंग्रोव के बीच से होकर गुजरता है। इसके अंत में एक व्यूइंग डेक बनाया गया है, जहां से पर्यटक आसपास की खाड़ी का मनोरम दृश्य देख सकेंगे। मलाबार हिल्स के नेचर ट्रेल की तरह यह ऊंचा वॉकवे भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना बनाया गया है।
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प्रवेश शुल्क भी होगा लागू
- पार्क में प्रवेश शुल्क लिया जाएगा, वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टिकट शुल्क लागू करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। इससे मिलने वाली आय पार्क के रखरखाव और संचालन पर खर्च की जाएगी।
- टिकट दरें सरकार की मंजूरी के बाद तय होगी। अनुमानित टिकट दर 50 से 100 रुपये के बीच हो सकती है।
- 33.43 करोड़ रुपये की लागत वाले इस पार्क का निर्माण 2021 में शुरू हुआ था। यह क्षेत्र पहले से ही वन आरक्षित क्षेत्र घोषित था। इस परिसर में रूफटॉप रेस्टोरेंट और नेचर थीम आधारित गिफ्ट शॉप भी होगी।
- पार्क में पर्यावरण-अनुकूल सामग्री, सौर ऊर्जा और ऊंचे वॉकवे का उपयोग किया गया है, ताकि संवेदनशील वनस्पति और जीव-जंतुओं पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
