Ghatkopar West N Ward: 60 प्रतिशत स्लम आबादी, फिर भी विकास नदारद
BMC Election 2025: घाटकोपर पश्चिम एन वार्ड में 60 प्रतिशत स्लम आबादी और महिला आरक्षण के बीच दल-बदल ने चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। उबाठा को बढ़त मानी जा रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: घाटकोपर पश्चिम विधानसभा एन वार्ड के अंतर्गत आने वाला सबसे बड़ा स्लम क्षेत्र माना जाता है, क्षेत्र का अधिकांश भाग पहाड़ी और पहाड़ियों के किनारे बसा हुआ है। इस क्षेत्र से 6 नगरसेवक आते हैं।
इस बार आरक्षण में 6 नगरसेवकों में से 5 महिलाओं के लिए आरक्षित है। इस पूरे वार्ड को मिला कर 261262 मतदाता हैं। 2017 के महानगरपालिका चुनाव में 6 सीटों में से तीन अविभाजित शिवसेना के खाते में गई थी। जबकि एक नगरसेवक मनसे का चुना गया था।
वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी को एक-एक सोट मिली थी। यहां के मतदाता बालासाहेब ठाकरे को मानने वाले हैं, फिलहाल ऐसा भी माना जा रहा है कि घाटकोपर पश्चिम में अभी भी बालासाहेब ठाकरे की मौजूदा उबाठा गुट का दबदबा कायम है। पूरे क्षेत्र में सवर्ण, सामान्य एवं दलित मराठियों की संख्या बहुतायत है। उसके बाद उत्तर भारतीय मतदाता भी अच्छी खासी पकड़ रखते हैं। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है।
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के पूर्व नगर सेवक हारुन खान एवं शिवसेना अविभाजित की पूर्व नगरसेविका अश्विनी दीपक हांडे के शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट और मनसे की पूर्व नगरसेविका डॉ अर्चना संजय भालेराव और वार्ड क्रमांक 123 में निर्दलीय जीतने वाली स्नेहल मोरे शिवसेना (उबाठा गुट) में ससामिल हो चुकी हैं।
जिससे क्षेत्र में दिलचस्प परिणाम देखने को मिल सकता है। वहीं भारतीय जनता पार्टी की बात करें ती घाटकोपर पश्चिम विधानसभा के नगरसेवक चुनाव में कोई खास असर दिखाई नहीं पड़ता है। 2017 में वार्ड क्रमांक 129 से भारतीय जनता पार्टी से सूर्यकांत गवली मात्र 215 पोट से जीते थे। इसके अलावा कोई भी प्रत्याशी दमदार प्रदर्शन नहीं कर सका।
स्लम में रहती है 60 प्रतिशत आबादी
- 60 प्रतिशत की आबादी स्लम में निवास करती करती है। इस विधानसभा के भटवाड़ी, गांवदेवी, रामनगर, राहुल नगर, हनुमान नगर, पार्कसाइट, रायगढ़ विभाग, जगदूषा नगर, चिराग नगर पारसी वाड़ी, अमृतनगर, वर्षा नगर, आनंदगढ़, डिपो पाड़ा, लोअर डिपो पाड़ा, कैलाश कंपलेक्स, काटोड़ी पाड़ा, आंबेडकर नगर जैसे इलाके शामिल है, जहां पर लोगों को मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
- पहाड़ियों के किनारे सुरक्षा दीवार नहीं होने से बरसात में भूस्खलन की आशंका बनी रहती है। नीय निवासी और मतदाताओं का कहना है कि यह क्षेत्र पिछड़ा का पिछड़ा ही रह गया, यहां के लोग वर्षों से विकास की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन कोई कार्य नहीं हो रहा है।
- क्षेत्र में पानी शौचालय, रास्ता, ट्रैफिक जाम, साफ सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। आज भी लोग पीने के पानी के लिए भटक रहे हैं। लोगों को समय पर और पर्याप्त पानी नहीं मिलता है। कई वर्षों से दर्जनों से ज्यादा शौचालय तोड़े गए हैं, जिनका निर्माण कार्य अधर में लटका है, लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
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वार्ड, 123- स्नेहल सुनील गोरे 9322 (निर्दलीय) अब उबाठा डॉ भारती बावदाने 8597 (अविभाजित शिवसेना) सामान्य
वार्ड 124- ज्योति हारून खान 6686 (NCP शरद पवार) अब SS एकनाथ शिंदे, नमिता किणी 3906 भाजपा सामान्य महिला
वार्ड 126 हाँ अर्चना भालेराव 12759 MNS (अब उबाठा) पूनम बारोटे, 6089 भाजपा सामान्य महिला
वार्ड 127- तुकाराम कृष्णा (सुरेश) पाटिल 8596 (अविभाजित सेना, अब उबाठा) रितु तावडे, 4572 भाजपा सामान्य महिला
वार्ड, 128 अश्विनी दीपक हांडे 12980 अविभाजित सेना (अब SS एकनाथ शिंदे) शुभांगी शिर्के, 4910 निर्दलीय ओबीसी महिला
वार्ड 129 सूर्यकांत गवली 6927 भाजपा प्रवीण माण्डवकर, 6712 (अविभाजित शिवसेना) ओबीसी महिला
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए दयाशंकर पाण्डेय की रिपोर्ट
