घाटकोपर एन वार्ड में स्पॉट टेंडर पर उठे सवाल, कचरा प्रबंधन विभाग में कथित अनियमितता की चर्चा
Mumbai Garbage Management Tender: मुंबई के घाटकोपर स्थित एन वार्ड के कचरा प्रबंधन विभाग में स्पॉट टेंडर प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बिना सार्वजनिक सूचना के कुछ ठेकेदारों को काम दिए जा रहे।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई गारबेज मैनेजमेंट टेंडर (सौ. सोशल मीडिया )
Ghatkopar N Ward Tender Issue: इन दिनों घाटकोपर एन वार्ड के धन कचरा व्यवस्थापन विभाग के स्पॉट टेंडर प्रक्रिया में गोलमाल की चर्चा जोरों से चल रही है।
विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों का कहना है कि बिना किसी जानकारी और इस्तेहार के बिना ही अपने करीबियों को स्पॉट टेंडर दिया जा रहा है।
कचरा पेटी साफ करने के लिये भी टेंडर निकाला जाता है, लेकिन कचरा पेटी कभी साफ ही नहीं होती, केवल बिल बनाया जाता है। एन वार्ड में तकरीबन 63 कचरा पेटियां है। हालांकि इस मसले पर एई साजिद सौदागर ने कहा कि स्पॉट टेंडरिंग में छोट-छोटे काम होते हैं, इसे तुरंत किया जाना होता है, लेकिन इसके लिए सार्वजनिक जानकारी दी जाती है।
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किया जाता है स्पॉट टेंडरिंग
विभाग के अंदर छोटे-छोटे कामों को तुरंत करने के लिए स्पॉट टेंडरिंग किया जाता है यह काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना होता है। बताया जा रहा है इस विभाग के अधिकारी अपने करीबियों को इसकी जानकारी दे देते हैं और उनको तुरंत यह काम करने का निर्देश भी जारी कर देते हैं, जिसकी टेंडरिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जाती है।
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इस कार्य में अधिकारियों के अलावा सहायक आयुक्त और उपायुक्त का भी समावेश होता है। एक ठेकेदार ने यह भी बताया कि ‘नवभारत अखबार ने कचरे जमा होने की खबर छापी थी, जिसके बाद मनपा ने खुद का संसाधन इस्तेमाल कर साफसफाई करवा दी।
