घाटकोपर होर्डिंग हादसा: इंजीनियर 5 जून तक पुलिस हिरासत में, मजिस्ट्रेट अदालत का फैसला
मुंबई की एक अदालत ने घाटकोपर में होर्डिंग गिरने से 17 लोगों की मौत के मामले में गिरफ्तार एक इंजीनियर को पांच जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। क्राइम ब्रांच ने इंजीनियर मनोज संघू को गुरुवार को गिरफ्तार किया था। उसने होर्डिंग के लिए स्थिरता प्रमाण पत्र दिया था।
- Written By: शुभम सोनडवले
घाटकोपर होर्डिंग केस (सौजन्यः सोशल मीडिया)
मुंबई. मुंबई क्राइम ब्रांच ने घाटकोपर इलाके में होर्डिंग गिरने से हुए हादसे के मामले में गिरफ्तार इंजीनियर को शुक्रवार को मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया। अदालत ने ने उसे पांच जून तक पुलिस हिरासत में भेजा है। जीनियर का नाम मनोज रामकृष्ण संघू है और उसे गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था।
गौरतलब है कि 13 मई को घाटकोपर में होर्डिंग गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई थी और 80 से अधिक घायल हुए थे।
बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के पैनल में शामिल संघू ने होर्डिंग के लिए संरचना संबंधी प्रमाण पत्र दिया था, जो 13 मई को शहर में तेज हवाओं और बेमौसम बारिश के बाद एक पेट्रोल पंप पर गिर गया था।
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ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कब्जे वाले भूखंड पर यह होर्डिंग लगाया था। इस मामले में अब तक संघू के अलावा ईगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक भावेश भिंडे को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने भावेश तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304-2 (जब यह ज्ञात हो कि किसी के कृत्य से मृत्यु हो सकती है), धारा 338 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) और 34 (समान मंशा) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अब प्राथमिकी में धारा 120बी (आपराधिक साजिश) भी जोड़ दी है। (एजेंसी एडिटेड)
