

Swarn Raja 66 Year Old Tradition In Mumbai: भटवाडी स्थित बर्वेनगर व अखिल भटवाड़ी सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की पहचान केवल भव्य गणेश प्रतिमा और आकर्षक सजावट तक सीमित नहीं है। घाटकोपर पश्चिम के भटवाडी में वर्ष 1961 में स्थापित यह मंडल इस वर्ष गणेशोत्सव के 66वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है।
पिछले 25 वर्षों से मंडल को मुंबई महानगरपालिका की ओर से लगातार प्रथम आदर्श गणेशोत्सव पुरस्कार मिल रहा है वहीं, राज्य सरकार की ओर से भी लगातार तीन वर्षों से मंडल को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हो रहा है।
मंडल के अध्यक्ष प्रतीक चौहान, प्रमुख सलाहकार विलास (बाला) चौहान और कार्याध्यक्ष योगेश बिरमोड़े के मार्गदर्शन में इस वर्ष भी गणेशोत्सव को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया है।
मंडल की करीब 6 फीट ऊंची भगवान विघ्नविनाशक की मनमोहक प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। बप्पा को असली सोने के आभूषणों से सजाया गया है। वर्तमान में प्रतिमा पर करीब पौने दो किलो के स्वर्ण आभूषण सुशोभित हैं।
करीब 32 वर्ष पहले भगवान गणेश के लिए एक किलो वजन का सोने का मुकुट बनवाया गया था, अब तक बप्पा के पास पौने दो किलो के स्वर्ण आभूषण के गहने दान स्वरूप मिल चुके है जो कि बप्पा को शोभायमान हो रहे है। सोने के आभूषणों से सजे होने के कारण बर्वे नगर और आसपास के क्षेत्र में बप्पा को प्यार से ‘स्वर्ण राजा’ के नाम से जाना जाता है।
मंडल ने पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा है। भगवान गणेश की प्रतिमा का निर्माण टिश्यू पेपर, कागज और गत्ते जैसी पर्यावरणपूरक सामग्री से किया गया है। प्रतिमा स्थल पर आकर्षक सजावट के साथ सुंदर पंडाल बनाया गया है, जिसकी भव्यता श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।
मंडल की सबसे अनोखी पहल उसका स्वयं का विसर्जन तालाब है। प्रतिमा विसर्जन के लिए मंडल परिसर के समीप ही विशेष तालाब बनाया गया है, जिसे ‘हमारे गणपति, हमारा विसर्जन’ नाम दिया गया है। इस तालाब को और भी विशेष बनाने के लिए देश की पवित्र नदियों का जल यहां लाकर डाला गया है।
प्रयागराज से गंगा, काशी घाट, कृष्णा नदी, नासिक की गोदावरी और अयोध्या की सरयू नदी का जल यहां लाया गया है इसी तालाब में भगवान गणेश की पर्यावरणपूरक प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।
मंडल ने गणेशोत्सव में डीजे को पूरी तरह दूर रखा है। उत्सव के दौरान तेज आवाज वाले डीजे के बजाय पारंपरिक ढोल-ताशों और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ध्वनि प्रदूषण को रोकने का संदेश भी दिया जाता है।
मंडल धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रहा है। संस्थापक एवं प्रमुख सलाहकार विलास (बाला ) चौहान ने कहा कि मंडल की ओर से चिकित्सा शिविर और एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अलावा पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने वाले और होनहार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। मंडल की ओर से राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में स्थित कुछ स्कूलों को भी गोद लिया गया है।
दूरदराज के क्षेत्रों तथा सूखाग्रस्त इलाकों में जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी मंडल लगातार काम करता रहा है। प्राकृतिक आपदाओं के समय भी मंडल ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई है। जरूरतमंदों तक आवश्यक सुविधाएं और संसाधन पहुंचाने के लिए मंडल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय रहते हैं।
भक्ति का अनूठा संगम बर्वे नगर के अखिल भटवाड़ी सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल को अन्य गणेशोत्सव मंडलों से अलग पहचान देता है। 66 वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंडल आज भी सामाजिक सरोकारों के साथ गणेशोत्सव मनाने की मिसाल पेश कर रहा है।