नेपाल की आग बुझाने में भारत करे मदद...शिवसेना नेता बोले- बांग्लादेश-श्रीलंका वाले आज भी दर्द भोग रहे

KP Sharma Oli Resigns: नेपाल में स्थिति गंभीर बनी हुई है। पूर्व प्रधानमंत्रियों के घरों पर हमला किया गया। संसद भवन और राष्ट्रपति भवन में भी आगजनी और तोड़फोड़ की गई।
Sanjay Nirupam On Nepal
नेपाल में बवाल (Image- Social Media)
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Nepal Gen-Z Protest News: नेपाल में Gen-Z के आंदोलन पर शिवसेना (शिंदे गुट) नेता संजय निरुपम की प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने कहा कि एक पड़ोसी देश होने के नाते नेपाल की आग बुझाने में भारत को मदद करनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल में जो हो रहा है, वह सरासर निंदनीय है। किसी भी समस्या का समाधान हिंसा नहीं हो सकती। किसी भी निकम्मी सरकार को हटाने का निर्णय गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए जनतांत्रिक तरीके का इस्तेमाल होना चाहिए।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा कि बांग्लादेश और श्रीलंका में पहले जो हुआ, उसका दर्द वहां की जनता आज भी झेल रही है। राजनीतिक नुकसान अस्थायी था, लेकिन आम लोगों की तकलीफें लंबे समय तक बनी रहीं।

संजय निरुपम ने क्या कहा?

शिवसेना नेता ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "नेपाल में जो हो रहा है,वह सरासर निंदनीय है। किसी भी समस्या का समाधान हिंसा नहीं हो सकती। किसी भी निकम्मी सरकार को उखाड़कर फेंकने का निर्णय ग़लत नहीं है लेकिन उसके लिए जनतांत्रिक तरीक़े का इस्तेमाल होना चाहिए। बांग्लादेश और श्रीलंका में इससे पहले जो हुआ,उसका दर्द आज भी वहाँ के लोग भोग रहे हैं। राजनीतिक लोगों का जो नुक़सान हुआ, वह टेंपररी था। एक पड़ोसी देश होने के नाते नेपाल की आग बुझाने में भारत को मदद करनी चाहिए।"

संजय राउत ने क्या कहा?

इससे पहले संजय राउत ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “Nepal today! ये स्थिती किसी भी देश मे पैदा हो सकती है! सावधान! भारत माता की जय! वंदे मातरम!” मंगलवार को नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब राजधानी काठमांडू के मेयर बालेन शाह को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने की मांग जोर पकड़ रही है।

PM ओली ने दिया इस्तीफा

इस उथल-पुथल के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे की वजह स्पष्ट नहीं बताई गई है, लेकिन माना जा रहा है कि जनता के आक्रोश और राजनीतिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। देश में अब राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति बन गई है। जानकारी के मुताबिक, ओली ने देश छोड़ दिया और वो दुबई में श्ररण ले सकते हैं। हालांकि अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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