Ganesh Naik Marathi Language: रिक्शा लाइसेंस में मराठी अनिवार्यता पर गणेश नाईक का बयान, सरनाईक पर साधा निशाना
Ganesh Naik Statement On Marathi Language: रिक्शा चालकों के लिए मराठी अनिवार्यता के मुद्दे पर गणेश नाईक ने बयान देते हुए कहा कि भाषा जरूरी है, लेकिन इसे लागू करने के लिए समय दिया जाना चाहिए।
- Written By: अपूर्वा नायक
गणेश नाईक (pic credit; social media)
Ganesh Naik Marathi Language Auto License: ठाणे में ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर राज्य के वनमंत्री गणेश नाईक ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
नाईक ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के बयान पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि मराठी भाषा का सम्मान होना चाहिए, लेकिन इसे लागू करने के लिए लोगों को समय देना जरूरी है।
‘तुरंत लागू करना ठीक नहीं’
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य में मराठी भाषा को अनिवार्य करना सही दिशा में कदम हो सकता है, लेकिन अचानक इसे लागू करना व्यावहारिक नहीं है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को भाषा सीखने का अवसर मिलना चाहिए।
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जनता दरबार से राजनीतिक सक्रियता
गणेश नाईक इन दिनों जनता दरबार के माध्यम से लोगों से जुड़ने और राजनीतिक आधार मजबूत करने में जुटे हैं। इसी दौरान उन्होंने यह मुद्दा उठाकर एक संतुलित रुख पेश करने की कोशिश की है।
Ganesh Naik ने ठाणे पानी समस्या पर भी की चर्चा
नाईक(Ganesh Naik) ने ठाणे की जल समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के समाधान के लिए कालू डैम और शाई डैम परियोजनाओं को लेकर जल संसाधन मंत्री से जल्द चर्चा की जाएगी।
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संतुलन बनाने की कोशिश
इस पूरे बयान से यह साफ है कि नाईक भाषा के मुद्दे पर संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। एक ओर वे मराठी को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे लागू करने में व्यवहारिकता पर भी जोर दे रहे हैं।
