Mumbai FDA Licence Suspension: मुंबई में खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे का चाबुक लगातार चल रहा है। 17 अगस्त को की गई कार्रवाई में बांद्रा के 'ऑटर्स क्लब' में अनलॉग पनीर, जेप्टो और एक बेकरी में गंभीर गंदगी मिली। यहां चूहों के कुतरे तेल के पैकेट और एक्सपायर्ड रंगों से केक तैयार किए जाने जैसी चौंकाने वाली खामियां सामने आई हैं। इसी तरह अन्य प्रतिष्ठानों में भी गड़बड़ियां पाई गईं। इन गंभीर उल्लंघनों पर कार्रवाई करते हुए मुंबई के 6 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं।
मुंबईकरों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले नामी क्लबों, ऑनलाइन डिलीवरी डार्क स्टोर्स और बेकरियों पर खाद्य व औषधि प्रशासन का हंटर चला है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत मुंबई शहर के कुल 6 प्रमुख प्रतिष्ठानों के फूड लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। साथ ही राज्यभर में 11 छापों के दौरान कुल 1,07,61,944 का अवैध व मिलावटी खाद्य भंडार जब्त किया गया।
बांद्रा के कार्टर रोड स्थित ऑटर्स क्लब के निरीक्षण में नियमों की भारी अनदेखी सामने आई। यहां महाराष्ट्र में प्रतिबंधित 'एनालॉग पनीर' से व्यंजन बनाकर परोसे जा रहे थे। किचन में टूटी टाइल्स, खराब रेफ्रिजरेटर मिले। चेंबूर स्थित जेप्टो लिमिटेड के डार्क स्टोर में तापमान के तय मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। नॉन-वेज चिल्ड फूड 5 की जगह 9 डिग्री और फ्रोजन फूड 18 की जगह 11 डिग्री पर मिला।
वहां फर्श पर तेल का रिसाव, काई जमे एग्जॉस्ट और कीड़े-मकोड़ों का खतरा भी पाया गया। दहिसर स्थित डेली फ्रेश बेकर्स में अस्वच्छ फर्श पर रखकर केक तैयार किए जा रहे थे। विलेपार्ले की राज ऑयल ट्रेडिंग में खाद्य तेल के पैकेटों पर चूहों के कुतरने के निशान और गोदाम से तेज बदबू पाई गई। वहीं खार के प्रिंस ऑफ वेल्स रेस्टोरेंट और अंधेरी के कैफे सिफारिश में भी गंभीर अस्वच्छता और सुधार नोटिस की अनदेखी के चलते लाइसेंस सस्पेंड किए गए।
मुंबई, गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी के बॉलीवुड कैफे पर एफडीए की छापेमारी में गंभीर स्वच्छता संबंधी खामियां सामने आने के बाद फिल्म सेट पर क्रू को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर बहस तेज हो गई है। कुछ दिन पहले एफडब्ल्यूआईसी ने एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे को पत्र लिखकर श्रमिकों, तकनीशियनों और कलाकारों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर चिता जताई थी।
ऐसे में मुंबई के फिल्म सेट भी अब खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर एफडीए की जांच के दायरे में आ सकते हैं। एफडब्ल्यूआईसी महासचिव अशोक दुबे के मुताबिक कार्रवाई से प्रोडक्शन हाउसों में जवाबदेही बढ़ेगी।