रेलवे टेंडर में 38 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार
Mumbai News: कांदिवली पुलिस ने रेलवे टेंडर के लिए 38 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी घोटाले का पर्दाफाश किया। चार आरोपी गिरफ्तार, कई और की तलाश। 4.32 करोड़ का गबन भी उजागर हुआ।
- Written By: सोनाली चावरे
फर्जी बैंक गारंटी का खुलासा (pic credit; social media)
Maharashtra News: रेलवे टेंडरों के लिए दी गई 38 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी का बड़ा मामला सामने आया है। कांदिवली चारकोप पुलिस ने इस धोखाधड़ी के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई डीआरएन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की शिकायत पर की गई।
गिरफ्तार आरोपी कौन?
पुलिस ने जिन चार लोगों को पकड़ा है, उनके नाम हैं – आशीष कुमार हरिचंद्र सिंह, हरिचंद्र विष्णुदत्त तिवारी, हेमंत हरीश जोशी,सैम डिसूजा हैं।
चारों आरोपी इस समय पुलिस हिरासत में हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इनके साथ जय दोशी और बृजेश भुट्टा समेत कुछ अन्य लोग भी इस धोखाधड़ी में शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब उनकी तलाश में जुटी है।
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कैसे हुआ घोटाला?
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने रेलवे विभाग के क्रॉस लाइन टेंडर में हिस्सा लेने के लिए 38 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी पेश की। इतना ही नहीं, उन्होंने कंपनी से लिए गए 4 करोड़ 32 लाख रुपये का गबन भी किया। पुलिस का कहना है कि मामले की तह तक जाने के लिए सभी खातों और लेन-देन की बारीकी से जांच की जा रही है।
कंपनी की जानकारी
शिकायत दर्ज कराने वाले नितिन यलवंत देसाई सेवरी इलाके में रहते हैं और डीआरएन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में जनसंपर्क अधिकारी हैं। यह कंपनी अंधेरी के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर स्थित चांडक चेंबर्स से संचालित होती है। कंपनी सड़क निर्माण, नहर निर्माण और बांध निर्माण जैसे काम करती है और अब तक रेलवे विभाग तथा महाराष्ट्र राज्य लोक निर्माण विभाग की कई परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है।
पुलिस जांच जारी
चारकोप पुलिस का कहना है कि इस घोटाले की परतें अभी और खुलनी बाकी हैं। यह अंदेशा है कि आरोपियों ने सिर्फ रेलवे ही नहीं बल्कि अन्य सरकारी टेंडरों में भी इस तरह की फर्जीवाड़ा किया हो सकता है। पुलिस जल्द ही बाकी आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है।
