शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से मंजूर नहीं, विधानसभा में देवेंद्र फडणवीस का विपक्ष पर बड़ा हमला
Fadnavis on Tipu Sultan Vs Shivaji Maharaj: देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में टीपू सुल्तान और शिवाजी महाराज की तुलना पर आपत्ति जताई। उन्होंने एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम और इतिहास पर भी बड़े बयान दिए।
- Written By: अनिल सिंह
Devendra Fadnavis on Tipu Sultan vs Shivaji (फोटो क्रेडिट-X)
Devendra Fadnavis on Tipu Sultan: महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में आज ‘टीपू सुल्तान बनाम छत्रपति शिवाजी महाराज’ के मुद्दे पर जोरदार बहस हुई। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में एक बड़ा नीतिगत बयान देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार को टीपू सुल्तान की व्यक्तिगत महानता या उनके इतिहास से उतनी आपत्ति नहीं है, जितनी उनकी तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से किए जाने पर है।
फडणवीस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि शिवाजी महाराज इस मिट्टी के आराध्य देव हैं और उनकी तुलना किसी भी ऐसे शासक से नहीं की जा सकती जिसका इतिहास विवादास्पद रहा हो। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए ‘इतिहास के तुष्टीकरण’ का आरोप भी लगाया।
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तुलना पर आपत्ति और आक्रमणकारियों का इतिहास
देवेंद्र फडणवीस ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, यह सच है, लेकिन यह भी एक ऐतिहासिक सत्य है कि उन्होंने हजारों-लाखों हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराया और उन्हें मौत के घाट उतारा। फडणवीस ने कहा, “हमारी लड़ाई किसी धर्म या मुसलमान से नहीं है, बल्कि उन आक्रमणकारियों का गुणगान करने वालों से है जिन्होंने भारत की संस्कृति पर प्रहार किया।” उन्होंने साफ किया कि शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करना महाराष्ट्र की अस्मिता का अपमान है और सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
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पाठ्यक्रम में बदलाव: एनसीईआरटी बनाम नया इतिहास
शिक्षा और इतिहास के मुद्दे पर बोलते हुए फडणवीस ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों में टीपू सुल्तान का महिमामंडन किया जाता था, जबकि भारतीय नायकों के इतिहास को हाशिए पर रखा गया। उन्होंने गर्व से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में इस विसंगति को दूर किया गया है। अब स्कूली पाठ्यक्रमों में छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को 20 पन्नों तक विस्तृत किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वराज के असली नायक के बारे में विस्तार से जान सके।
विपक्ष की घेराबंदी और फडणवीस का संकल्प
सदन में जब विपक्षी विधायकों ने इतिहास के भगवाकरण का आरोप लगाया, तो फडणवीस ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आक्रमणकारियों को नायक के रूप में पेश करने की परंपरा अब खत्म हो चुकी है। फडणवीस ने संकल्प दोहराया कि वे उन ताकतों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे जो विदेशी आक्रमणकारियों का महिमामंडन कर समाज में भ्रम पैदा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की धरती पर केवल शिवाजी महाराज का विचार और आदर्श ही सर्वोपरि रहेगा।
