मालेगांव नगर निगम में नमाज विवाद: दफ्तर में घुसकर हंगामा करने वाले लुकमान और सलीम समेत 7 पर FIR दर्ज

Malegaon Namaz Dispute FIR: मालेगांव नगर निगम के विद्युत विभाग में जबरन नमाज पढ़ने और कर्मचारियों से मारपीट के मामले में लुकमान समेत 7 लोगों पर FIR दर्ज की गई है।
Malegaon Municipal Corporation Namaz Dispute
Malegaon Municipal Corporation Namaz Dispute (फोटो क्रेडिट-X)
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Malegaon Municipal Corporation Namaz Dispute: महाराष्ट्र के मालेगांव में सरकारी कार्यालय के भीतर नमाज अदा करने और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मालेगांव नगर निगम (MMC) के विद्युत विभाग में हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद, वायरमैन महेंद्र रघुनाथ सावंत की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी लुकमान और सलीम सहित 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

यह घटना 23 फरवरी 2026 की शाम को हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी उबाल आ गया है। आरोप है कि इन लोगों ने न केवल सरकारी दफ्तर में जबरन नमाज पढ़ी, बल्कि वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की और सरकारी संपत्ति को नुकसान भी पहुँचाया।

विद्युत विभाग के केबिन में 'नमाज' और हंगामा

शिकायतकर्ता महेंद्र सावंत के अनुसार, 23 फरवरी की शाम करीब 5 बजे लुकमान अपने साथियों के साथ अचानक विद्युत विभाग के कार्यालय में घुस आया। आरोपियों ने दावा किया कि उनकी नमाज का समय हो गया है और वे कार्यालय के भीतर ही इसे अदा करेंगे। जब कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपी उग्र हो गए। आरोप है कि उन्होंने विद्युत अधीक्षक के केबिन में रखी कुर्सियां फेंक दीं, जिनमें से एक कुर्सी कर्मचारी सावंत के पैर में लगी। इस हंगामे के दौरान सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।

स्ट्रीट लाइट रजिस्टर को लेकर शुरू हुआ था विवाद

नमाज विवाद की शुरुआत नमाज से एक घंटे पहले ही हो गई थी। लुकमान और उसके साथियों ने दोपहर 4 बजे कार्यालय आकर स्ट्रीट लाइटों का हिसाब और स्टॉक रजिस्टर दिखाने की मांग की थी। जब वायरमैन सावंत ने उन्हें बताया कि लाइटें वार्ड में लगाने के लिए भेजी गई हैं और इसकी जानकारी केवल विद्युत निरीक्षक ही दे सकते हैं, तो आरोपी वहां से चले गए। लेकिन एक घंटे बाद वे दोबारा आए और नमाज पढ़ने की जिद करते हुए कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया।

पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर के मुख्य बिंदु

घटना की गंभीरता को देखते हुए मालेगांव नगर निगम आयुक्त को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। मालेगांव पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने (BNS की संबंधित धाराएं), मारपीट और धमकी देने के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस उन वीडियो रिकॉर्डिंग्स की भी जांच कर रही है, जो आरोपियों में से एक ने हंगामा करते वक्त बनाई थी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सरकारी कार्यालय में धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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