इमारतों का होगा इलेक्ट्रिक ऑडिट, शार्ट सर्किट से लगती है 70 फीसदी आग
- Written By: प्रभाकर दुबे
मुंबई : मुंबई (Mumbai) में हाईराइज इमारतों में आग (Fire) रोकने के लिए अब इमारतों (Buildings) का फायर ऑडिट (Fire Audit) के साथ इलेक्ट्रिक ऑडिट (Electric Audit ) भी किया जाएगा। इलेक्ट्रिक ऑडिट की अनुमति के लिए राज्य सरकार को पत्र (Letter) लिखा है। बीएमसी (BMC) की स्थायी समिति (Standing Committee) में फायर बाइक के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अतिरिक्त आयुक्त अश्विनी भिडे (Additional Commissioner Ashwini Bhide) ने सदस्यों को यह जानकारी दी।
अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि मुंबई फायर ब्रिगेड देश का अत्याधुनिक फायर ब्रिगेड है। अत्याधुनिक फायर सुविधाओं से लैस है, लेकिन मुंबई की डेमेग्राफी बदल रही है। हाईराइज इमारतें आ रही हैं। अग्नि सुरक्षा को लेकर मुंबई में सबसे बड़ी समस्या रिस्पांस टाइम का है। मुंबई के घनत्व के कारण फायर ब्रिगेड का दुर्घटना वाली जगह पर पीक ऑवर में पहुंचने का रिस्पांस टाइम 20 से 30 मिनट है।
इलेक्ट्रिक पॉलिसी बनाई जाएगी
केंद्र सरकार के नार्म्स के मुताबिक, रिस्पांस समय 6 से 7 मिनट होना चाहिए, लेकिन यहां की डेमाग्राफी को देखते हुए हम उसे कम नहीं सकते। भिडे ने कहा कि हम पीक ऑवर को बदल नहीं सकते, लेकिन आगजनी से होने वाली मानवीय हानि को कम किया है। भिड़े ने कहा कि मुंबई में आग की घटनाओं में हो रही वृद्धि का मुख्य कारण शार्ट शर्किट है। इस पर अंकुश लगाने के लिए इलेक्ट्रिक ऑडिट होना जरूरी हो गया है। इलेक्ट्रिक वायरिंग से लेकर अन्य प्रकार के उपकरण जो कि आग लगने की बढ़ती घटनाओं को रोकने में कामयाब होंगे इस तरह का उपकरण और अच्छी क्वालिटी की वायरिंग हो जैसे कि आईएसआई मार्क के सामान का उपयोग हो ऐसा नियम होना जरूरी हो गया है। राज्य सरकार से इलेक्ट्रिक पर पॉलिसी बनाने की अनुमति के लिए पत्र लिखा है राज्य सरकार की अनुमति मिलते ही इलेक्ट्रिक पॉलिसी बनाई जाएगी और समय समय पर उसका ऑडिट किया जाएगा। जिससे बढ़ती आग की घटनाओं पर काबू पाया जा सके।
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[blockquote content=”मुंबई में ट्रैफिक एक बड़ी समस्या है। समय पर फायर इंजन नहीं पहुंचने पर आग फैल जाती है। बीएमसी अपने सभी 24 वॉर्डों में एक फायर बाइक रखेगी जिसमें 40 लीटर पानी की क्षमता होगी। फायर बाइक मुंबई जैसे शहर के लिए जरूरी है। मुंबई में झोपड़पट्टी में आग बुझाने में आसानी होगी। फायर बाइक कलकत्ता, चेन्नई जैसे शहरों में पहले से उपयोग किया जा रहा है। बाइक से संकरी गलियों में कम समय में पहुंच कर आग बुझाई जा सकती है। ” pic=”” name=”-अश्विनी भिडे, अतिरिक्त आयुक्त, बीएमसी “]
- मुंबई की 140 इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं
- 1526 इमारतों की जांच
- 273 इमारतों को बिजली पानी काटने का नोटिस
- 109 इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाने का काम
- 3 के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
- 32 हाईराइज इमारतों में मॉक ड्रिल
