

Shiv Sena Symbol Shinde Meeting With PM Modi: महाराष्ट्र में शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह 'धनुष-बाण' को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच राज्य का राजनीतिक तापमान एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शीर्ष अदालत द्वारा 'राजनीतिक दल और विधायी दल के अलग न होने' को लेकर की गई तीखी टिप्पणी के तुरंत बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अचानक दिल्ली पहुंचे हैं।
दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से महत्वपूर्ण मुलाकातें की हैं, जिसके बाद से महाराष्ट्र में नए सियासी समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ शिवसेना यूबीटी (UBT) नेता सुनील प्रभु की याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के फैसले को चुनौती दी गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से टिप्पणी की गई कि विधायी दल राजनीतिक दल से स्वतंत्र होकर कार्य नहीं कर सकता और चुनाव आयोग द्वारा केवल विधायकों के बहुमत को आधार बनाना पहली नजर में अनुचित प्रतीत होता है। इस टिप्पणी के तुरंत बाद ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने दावा किया कि 'धनुष-बाण' चुनाव चिन्ह जल्द ही उद्धव ठाकरे को वापस मिल सकता है, जिससे शिंदे गुट में खलबली मच गई है।
अदालत के रुख से पैदा हुई राजनीतिक अनिश्चितता के बीच एकनाथ शिंदे ने दिल्ली का रुख किया। शुक्रवार को शिंदे गुट के उन सांसदों ने भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की जो हाल ही में ठाकरे खेमे को छोड़कर आए हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर के राजनीतिक हालात और 'GenZ' आंदोलन के प्रभाव की समीक्षा के लिए एनडीए (NDA) के सहयोगियों से लगातार संवाद कर रहे हैं। माना जा रहा है कि एकनाथ शिंदे ने पीएम मोदी के साथ बैठक में महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक हालात, संभावित अदालती फैसले और राज्य कैबिनेट विस्तार में नए सांसदों को शामिल करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की है।
एक तरफ जहां शिवसेना मामले को लेकर दिल्ली से मुंबई तक हलचल है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में भी अंदरूनी समीकरण बदलते दिख रहे हैं। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की मुंबई में हुई अचानक मुलाकात ने सभी को चौंका दिया है।
बताया जा रहा है कि पार्थ पवार स्वयं प्रशांत किशोर को चार्टर्ड प्लेन से मुंबई लाए थे। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, शिंदे के दिल्ली दौरे और पीके (PK) की एंट्री ने महाराष्ट्र के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।