

Mumbai Shiv Sena Shinde Faction: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को रविवार को एक ही दिन में दो बड़े झटके लगे हैं। उनकी शिवसेना की एक महिला पदाधिकारी को पुलिस ने हफ्ताखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया तो वहीं डॉक्टर मारपीट मामले में पार्टी के पूर्व नगरसेवक को हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस के सामने सरेंडर करना पड़ा है। इन दोनों ही घटनाओं से सूबे के राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।
नवी मुंबई के तुर्भे एमआईडीसी पुलिस ने शिंदे सेना की महिला आघाडी की उप जिला प्रमुख पूजा बनसोडे को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बनसोडे ने इंदिरा नगर इलाके में भंगार की दुकान चलाने वाले एक कारोबारी से दो लाख रुपए का रंगदारी (हफ्ता) मांगी थी।
दुकान चलाने के लिए यह रकम देना जरूरी बताया गया था, लेकिन जब कारोबारी ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो पूजा बनसोडे ने अपने चार साथियों (रमजान शेख, सरिता सरवदे, नरेंद्र साकवार और हुसैन शेख) के साथ मिलकर दुकान पर हमला किया था। उन्होंने व्यवसायी और दुकान के कर्मचारियों को बेरहमी से पीटा था। पीड़ित की शिकायत पर तुर्भे एमआईडीसी पुलिस ने मुख्य आरोपी पूजा बनसोडे को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मामले में चार अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
दूसरी ओर, डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों पर हुए हमले के मामले में पूर्व नगरसेवक रमेश म्हात्रे ने विष्णुनगर पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया है। दरअसल, हाई कोर्ट ने म्हात्रे की जमानत याचिका रद्द करते हुए उन्हें शाम 5 बजे तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर उनकी संपत्ति जप्त कर ली जाएगी। इस सख्त रुख के बाद म्हात्रे पुलिस के सामने हाजिर हुए। कोर्ट ने म्हात्रे को 3 अगस्त तक (14 दिन) न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
डॉक्टरों पर हुए इस हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने 20 जुलाई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था, लेकिन हाई कोर्ट के हस्तक्षेप और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद 'आईएमए' ने प्रस्तावित राज्यव्यापी बंद को स्थगित कर दिया है।
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि रमेश म्हात्रे के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में पार्टी की भूमिका सांसद श्रीकांत शिंदे ने पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। मैंने डॉक्टरों की पिटाई का समर्थन नहीं किया और शिवसेना ऐसा कभी नहीं करेगी।